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पर्यटन का प्रमुख सेंटर बना उत्तराखंड, 7 साल में 62 फीसदी बढ़ी टूरिस्ट की संख्या, सरकार भी कर रही नई पहल – Uttarakhand myuttarakhandnews.com

Uttarakhand has become a major centre of tourism, number of tourists increased by 62% in 7 years, government is also taking new initiatives

Latest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून: उत्तराखंड 24वां स्थापना दिवस मना रहा है। यह पहाड़ी राज्य आज पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभरा है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर साल नया रिकॉर्ड बना रही है। कोरोना काल के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक/तीर्थयात्री उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार सात वर्षों में ही पर्यटकों की संख्या में 61.79 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2018 में 3.68 करोड़ पर्यटक उत्तराखंड आए थे जबकि 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 5.96 करोड़ पहुंच गया। इस वर्ष अगस्त तक करीब तीन करोड़ पर्यटक आ चुके हैं। दिसंबर तक यह आंकड़ा छह करोड़ से अधिक पहुंचने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू करने के साथ ही एस्ट्रो, एयरो, ईको और साहसिक पर्यटन में कई नवाचार किए हैं।मानसखण्ड के प्रचार को चली विशेष ट्रेनमानसखण्ड मंदिर माला मिशन के मंदिरों का देशभर में प्रचार प्रसार के उद्देश्य से पर्यटन विभाग द्वारा आईआरसीटीसी के सहयोग से भारत गौरव मानसखंड एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। अब तक पुणे, बंगलूरू, मदुरै (तमिलनाडु) और मुंबई से इस ट्रेन का संचालन किया गया है। योजना के तहत श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पूर्णागिरी, हाटकालिका, पाताल भुवनेश्वर, जागेश्वरधाम, गोलज्यू देवता मंदिर, नंदा देवी, कैंची धाम आदि मंदिरों के दर्शन कराए जा रहे हैं। प्रचार-प्रसार के साथ ही मंदिरों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया हैयुवाओं को साहसिक पर्यटन का प्रशिक्षणपर्यटन विभाग ने पैराग्लाइडिंग, माउंटेनियरिंग, नौकायन कायकिंग-कैनोइंग और लो एल्टीट्यूड से हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग के लिए 1,816 स्थानीय युवाओं को बाहरी एजेंसी के माध्यम से प्रशिक्षित किया है ताकि पर्यटक यहां साहसिक पर्यटन का आनंद उठा सके और स्थानीय युवा रोजगार से जुड़ सकें।दिव्य और भव्य बना केदारनाथ धामप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत हुए पुनर्निर्माण कार्यों से केदारनाथ यात्रा को नया आयाम मिला है। लगातार बढ़ती तीर्थयात्रियों की संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है। वर्ष 2013 में 16-17 जून के जलप्रलय में केदारपुरी पूरी तरह तबाह हो गई थी। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2017 में केदार धाम को संवारने के बीड़ा उठाया। उनके ड्रीम प्रोजेक्ट ने आज केदारपुरी की तस्वीर बदल दी है। प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में 225 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। दूसरे चरण के कार्य प्रगति पर हैं। आज केदारनाथ धाम दिव्य और भव्य नजर आ रहा है।आदि कैलाश को मिली नई पहचानप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे ने आदि कैलाश यात्रा को नई पहचान दी है। पीएम मोदी 12 अक्टूबर 2023 को पिथौरागढ़ जिले के दौरे पर आए थे। तब प्रधानमंत्री ने करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ज्योलिकोंग पहुंचकर आदि कैलाश के दर्शन किए थे। आज आदि कैलाश आने वाले यात्रियों और पर्यटकों की संख्या नया रिकॉर्ड बना रही है।उल्लेखनीय है कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते बंद कर दी गई थी, तब से इसे शुरू नहीं किया जा सका है। आदि कैलाश का महात्म्य भी कैलाश मानसरोवर के बराबर ही माना जाता है, इसलिए अब प्रदेश सरकार आदि कैलाश यात्रा को सरल, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर खास जोर दे रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्र होने के बावजूद सड़क का निर्माण कर लिया गया है, जिससे ज्योलिकोंग तक वाहन पहुंच रहे हैं।सैलानियों से गुलजार होगा जादुंग गांवउत्तरकाशी जिले का जादुंग गांव अब जल्द ही पर्यटकों से गुलजार होगा। वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत जादुंग को पर्यटन गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। जादुंग गांव को वर्ष 1962 में भारत-चीन युद्ध के समय खाली कराया गया था। तब से यह गांव वीरान पड़ा था। अब धामी सरकार ने गांव में जीर्ण शीर्ण भवनों का जीर्णोद्धार कर उन्हें होमस्टे के रूप में विकसित करने का अभिनव प्रयास किया है। योजना के प्रथम चरण में छह भवनों का जीर्णोद्धार कार्य शुरू कर दिया गया है।देहरादून से मसूरी के लिए रोपवे का निर्माण शुरूदेहरादून से सटे पुरकुल गांव से लाइब्रेरी चौक मसूरी रोप-वे परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस रोपवे के बनने से देहरादून से मसूरी तक का एक से सवा घंटे का सफर मात्र 15 मिनट में तय किया जा सकेगा। रोपवे की लंबाई 5.3 किमी होगी। रोपवे में दस सीटर केबिन होगा। नवंबर 2026 तक रोपवे का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। चंपावत जिले में ठूलीगाड से पूर्णागिरी और उत्तरकाशी जिले में जानकीचट्टी (खरसाली) से यमुनोत्री मंदिर तक रोपवे निर्माण के लिए प्रक्रिया जारी है।वेडिंग डेस्टिनेशन में बनेगी खास पहचानउत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वेड इन इंडिया विजन को साकार करने के लिए संकल्पबद्ध है। आगामी वर्षों में उत्तराखंड वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में देश दुनिया में अपनी खास पहचान बनाएगा। यहां चारधाम तीर्थयात्रियों की आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं। अब प्रदेश सरकार उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन योजना बनी वरदानवीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना स्वरोजगार को बढ़ाने और पर्यटन के विकास में कारगर सिद्ध हुई है। योजना के तहत पर्यटन व्यवसाय के लिए अधिकतम ₹33 लाख तक के अनुदान का प्रावधान है। इसी प्रकार दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास (होम स्टे) विकास योजना के अंतर्गत अधिकतम ₹15 लाख के अनुदान का प्रावधान है। ट्रेकिंग ट्रेक्शन होमस्टे अनुदान योजना के अंतर्गत ट्रेकिंग रूट के पास होमस्टे बनाने पर प्रति कक्ष ₹60 हजार तक अनुदान का प्रावधान है। अधिकतम छह कमरों के लिए यह मदद दी जाएगी।चार गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कारराज्य के चार गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार मिलना उत्तराखंड सरकार की बड़ी उपलब्धि है। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर उत्तरकाशी जिले के जखोल गांव को साहसिक पर्यटन, हर्षिल (उत्तरकाशी) और गुंजी को (पिथौरागढ़) वाइब्रेंट विलेज एवं बागेश्वर जिले के सूपी ग्राम को कृषि पर्यटन के लिए सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।47 हजार 646 करोड़ के करारमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर दिसंबर 23 में आयोजित दो दिवसीय वैश्विक निवेशक सम्मेलन में पर्यटन सेक्टर पर भी विशेष फोकस किया गया। सम्मेलन के माध्यम से कुल ₹3.56 लाख करोड़ के निवेश के करार किए गए हैं। इनमें ₹47646 करोड़ के 437 करार पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए हुए हैं।रामनगर में होटल मैनेजमेंट डिग्री कोर्स की पढ़ाई शुरूआतिथ्य क्षेत्र में गुणवत्तापरक होटल मैनेजमेंट डिग्री कोर्स शुरू किया गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग टेक्नोलॉजी एंड एप्लाइड न्यूट्रिशन रामनगर में शैक्षणिक सत्र 2023-24 से कोर्स संचालित किया जा रहा है।जागेश्वर धाम का मास्टर प्लान तैयारअल्मोड़ा जिले के अंतर्गत जागेश्वर धाम का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित ₹133.85 करोड़ के कार्यों के सापेक्ष ₹21.34 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति अब तक जारी की जा चुकी है।पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर करें होमस्टे बुकिंगपर्यटन विभाग द्वारा होमस्टे बुकिंग के लिए ऑनलाइन ट्रेवल एग्रीगेटर शुरू किया गया है। अब विभागीय वेबसाइट के माध्यम से होम स्टे की बुकिंग की जा सकती है।उत्तराखंड का अपनी समृद्ध संस्कृति और विरासत के लिए विश्व के पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट स्थान है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और अनेक विविधताओं को समेटे लोक संस्कृति पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही है। चारधाम सदियों से देश और दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। राज्य की आर्थिकी को मजबूती देने में पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य में होम स्टे को बढ़ावा देने के साथ ही सड़क, रेल और एयर कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा रहा है। वेडिंग डेस्टिनेशन पर भी हमारा विशेष फोकस है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपेक्षा के अनुरूप आगामी वर्षों में उत्तराखंड भारत ही नहीं बल्कि विश्व का सर्वश्रेष्ठ वेडिंग डेस्टिनेशन बनेगा।पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंडअन्य प्रमुख उपलब्धियां : एक नजर में-श्री केदारनाथ और बद्रीनाथ की तर्ज पर विकसित होगा महासू देवता हनोल का मंदिर। मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है तैयार। देहरादून जिले के जौनसार बावर क्षेत्र के अंतर्गत टोंस नदी के किनारे स्थित है यह मंदिर।-राज्य में पहली बार हुआ टिहरी एक्रो फेस्टिवल का आयोजन। 26 देशों के 54 विदेशी और 120 भारतीय पैराग्लाइडिंग पायलट हुए शामिल।-नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी के माध्यम से साहसिक पर्यटन के अंतर्गत 720 युवाओं को विभिन्न साहसिक पर्यटन कोर्स का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।-दक्षिण भारत में उत्तराखंड पर्यटन के प्रचार प्रसार के लिए जनपद रूद्रप्रयाग में क्रौंच पर्वत पर स्थित कार्तिक स्वामी मंदिर में 108 वालमपुरी शंख पूजा, कलश स्थापना और वस्त्र आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन।-एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रथम एवं द्वितीय नक्षत्र सभा का जॉर्ज एवरेस्ट (मसूरी) एवं जागेश्वर (अल्मोड़ा) में आयोजन।

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