सख्त निगरानी में होंगी 10वीं-12वीं की परीक्षाएं, नकलविहीन व्यवस्था पर जोर
देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल (10वीं) व इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षाएं आगामी 21 फरवरी से शुरू होगी। इस बार प्रदेश भर में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी कराने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं, साथ ही संवेदनशील व अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को भी कहा गया है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि 21 फरवरी से शुरू होने वाली उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि 10वीं व 12वीं कक्षाओं की परिषदीय परीक्षाएं निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई है, जिसमें विभागीय अधिकारियों, जिला प्रशासन व पुलिस विभाग को आपसी समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिये गये हैं। डॉ. रावत ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के लिहाज से संवेदनशील एवं अति संवेदनशील परीक्षा केन्द्रों पर अतिरिक्त व्यवस्था करने, विशेष उड़नदस्तों की तैनाती तथा लगातार निगरानी करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये गये हैं।
परीक्षा केन्द्रों के आसपास धारा-144 के नियमों का पालन, अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक तथा प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आपूर्ति, संग्रहण व गोपनियता सुनिश्चित करने को केन्द्र व्यवस्थापकों, निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
डाॅ. रावत ने बताया कि बोर्ड परीक्षा में इस बार लगभग 2 लाख 15 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे, इसके लिये प्रदेशभर में 1261 परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं, जिसमें 156 संवेदनशील जबकि 6 अति संवेदनशील केन्द्र हैं।
डॉ. रावत ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे बिना किसी तनाव के आत्मविश्वास व सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को प्रोत्साहित करें ताकि बच्चे परीक्षा हाॅल में अच्छे से परीक्षाएं दे सके।
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