
प्रदेश में आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है. इस व्यवस्था के तहत अब राज्य में प्रतिदिन 2650 कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति की जाएगी, ताकि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े.
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव आनंद स्वरूप की ओर से जारी एसओपी के अनुसार तेल एवं गैस आपूर्ति कंपनियां आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल राज्य में प्रतिदिन 2650 व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडर उपलब्ध कराएंगी.
जिलाधिकारियों को देनी होगी आपूर्ति की जानकारीइन कंपनियों को प्रतिदिन आपूर्ति की जानकारी संबंधित जिलाधिकारियों को भी देनी होगी, जिससे वितरण व्यवस्था की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके. सरकार का मानना है कि यदि व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की नियमित आपूर्ति नहीं हुई तो इसका सीधा असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ सकता है.
खासतौर पर चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस में गैस की मांग काफी बढ़ जाती है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार राज्य में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों की जरूरतों के अलावा पर्यटन व्यवसाय के लिए दैनिक आवश्यकता के लगभग 20 प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
इस व्यवस्था के तहत फार्मास्युटिकल इकाइयों, होटल और रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट और ढाबों, सरकारी एवं सरकारी नियंत्रण वाले गेस्ट हाउस, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, औद्योगिक कैंटीन, पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्रावास, होम स्टे तथा स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठानों को प्रतिदिन गैस सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे.
सरकार ने तय किया जिलेवार आवंटनसरकार ने एसओपी में जिलावार आवंटन भी तय किया है. इसके तहत देहरादून जिले को सबसे अधिक 31 प्रतिशत सिलिंडर मिलेंगे, जबकि हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत सिलिंडरों का आवंटन किया गया है. इसके अलावा ऊधमसिंह नगर को नौ प्रतिशत, चमोली को छह प्रतिशत और रुद्रप्रयाग को पांच प्रतिशत सिलिंडर दिए जाएंगे.
वहीं टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा को चार-चार प्रतिशत, पिथौरागढ़ को तीन प्रतिशत तथा बागेश्वर और चंपावत को दो-दो प्रतिशत सिलिंडरों का आवंटन किया गया है. सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से पर्यटन और तीर्थाटन से जुड़े व्यवसायों को राहत मिलेगी और चारधाम यात्रा के दौरान गैस आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी.
