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उत्तराखंड सरकार की भू कानून लागू करने की घोषणा ! जनता को गुमराह करने का नया तरीका या फिर आंदोलन का असर ? – myuttarakhandnews.com

देहरादून :लगभग साल भर से उत्तराखंड का जागरूक जनमानस उत्तराखंड में भू कानून, मूल निवास की माँग को ले कर सड़को पर उतर रहा है ।पिछले साल दिसंबर को देहरादून में भव्य रैली के बाद भू कानून ,मूल निवास समन्वय संघर्ष समिति के आव्हान पर प्रदेश के कई संगठन और राजनीतिक दल कुमाऊं मंडल से ले कर गढ़वाल मंडल तक कई रैलियों का सफल आयोजन कर चुके है ।ऐशे में लंबे समय से मौन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखंड में भू कानून लागू करने की घोषणा कर दी थी ।जिस पर विभिन्न लोगों ने चुटकी ली ” लोगों ने पूछा कि जब मुख्यमंत्री जी उत्तराखंड में समान नागरिक कानून लागू कर चुके है तो भू कानून पर उनकी रणनीति क्या होगी ”
वहीं लोगों ने उनके बयान को अस्पष्ट भी बताया ।
वहीं आज आज 29 सितंबर 2024 को ऋषिकेश में आयोजित विशाल रैली में हज़ारों की भीड़ देखने के बाद पुनः उत्तराखंड सरकार का बयान जारी हुआ है ।
” जिसमे कहा गया है कि मुख्यमंत्री के भू-कानून की दिशा में लिए गए निर्णय के बाद प्रदेश में अवैध रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त करने वालों के विरुद्ध उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कार्रवाई तेज कर दी गई है। ”
इस सम्बन्ध में आज भू कानून के घोर विरोधी और भू कानून मांगने वालों पर कड़ी टिप्पणी करने वाले वन मंत्री सुबोध उनियाल ने भी भू क़ानून स्पष्टीकरण दिया है ।वन मंत्री के अनुसार ” बीजेपी सरकार भू कानुन को ले कर गम्भीर है ।उन्होंने एगें कहा कि ” जिन लोगों ने भी यहाँ भूमि ख़रीदी और उसका उपयोग उस प्रयोजन हेतु नहीं कर रहे हैं जिस प्रयोजन हेतु भूमि क्रय की है उनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाएगा।
वन मंत्री के अनुसार एक परिवार में 250 वर्ग मीटर से ज़्यादा भूमि ख़रीद कर जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है, उनकी भी अतिरिक्त ज़मीन राज्य सरकार में निहित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भू-क़ानून में जो भी सुधार राज्य हित में अपेक्षित होंगे वह सभी प्रयास किए जाएंगे लेकिन इसके लिए प्रदेश के नागरिकों को भी जागरूक होकर सरकार का सहभागी बनना होगा।
वन मंत्री ने कहा कि समस्त प्रदेशवासी अपने पैतृक भूमि को संरक्षित करें और उसकी बिक्री ना करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में भू-कानून में जो भी ऐसे संशोधन हुए हैं, और उनसे अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हुए हैं, जन भावनाओं के अनुरूप उनमें भी संशोधन करने से पीछे नहीं हटा जाएगा। ”
राज्य सरकार ने सुभाष कुमार समिति का गठन किया है, इसके साथ ही भू-कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में गठित समिति सुझावों का अध्ययन कर लागू करने के लिए बैठकें कर के इसको अंतिम रूप दे रही है।हालांकि उत्तराखंड की जनता ने मुख्यमंत्री की घोषणा को पूरी तरह नकार दिया है ।जनता का कहना है कि मुख्यमंत्री जी पहले भी इसी प्रकार की घोषणा की है इसलिए जब तक भू कानून पर कानून नहीं बनता जनता घोषणा को स्वीकार नहीं करेगी ।

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