

Build a road that has been stuck for 32 years in four months, Uttarakhand High Court reprimands PWDइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने साल 1993 से अब तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए सड़क निर्माण का कार्य चार माह में पूरा करने के आदेश लोक निर्माण विभाग को दिए हैं।याचिका में क्या?सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि एक जगह पर पुल का निर्माण किया जाना है, जिसकी डीपीआर बनाकर भेज दी गई है। बजट मंजूर होते ही पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। याचिकाकर्ता का कहना है कि विभाग ने एक साल पहले पुल की डीपीआर बनाई थी, लेकिन अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। ऐसे में पुल निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के आदेश सरकार को दिए जाएं।क्या है मामला?मामले के अनुसार, पौड़ी गढ़वाल निवासी कमल चंद्र ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि 1993 में पौड़ी गढ़वाल के चोकल से अल्मोड़ा जिले के सराईखेत तक के लिए 3 किलोमीटर सड़क स्वीकृत हुई थी। जिसमें से डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया, शेष सड़क अभी तक नहीं बनाई गई। इस बारे में उन्होंने और ग्रामीणों ने कई बार सरकार और लोनिवि को कई प्रत्यावेदन दिए, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला, सड़क नहीं बनाई जा सकी।जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के आदेश सरकार और लोनिवि को दिया जाए। कोर्ट ने चार माह में सड़क निर्माण के आदेश देते हुए जनहित याचिका को निस्तारित किया।
