
उत्तराखंड में सरकारी खजाने की किस प्रकार बंदरबांट की जाती है ये किसीसे छुपा नहीं है ।सरकारी खजाने का एक बड़ा बजट विज्ञापनो पर भी जाता है ।वो विज्ञापन जो पत्रकारों और मीडिया हाऊस की आमदनी का साधन माना जाता है ।सभी मेहनतकश पत्रकार कई कोशिश करते है कि उनको सूचना विभाग से कोई विज्ञापन मिल जाये तो उनके बेसिक खर्च निकल जाये ।लेकिन वक्त के साथ इन विज्ञापनो पर भी सत्ता की चाटुकारिता करने वाले लोगों का कब्जा हो गया या फिर अंदरखाने ही अपने नाते रिश्तेदार और चेहतों को ये विज्ञापन बांटे जाने लगे ।ताजा मामला 71लाख के भुगतान का है ये भुगतान सूचना विभाग द्वारा ऐशी मैग्जिन को दिया गया है जिसका उत्तराखंड में शायद किसीने नाम सुना भी हो।
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