देहरादून। समाज में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही प्रयास वेलफेयर सोसाइटी द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के कार्यों को प्रोत्साहित करना, उनके योगदान को पहचान देना और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं और संस्था से जुड़े सदस्यों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
सोसाइटी की संस्थापक मीनाक्षी घिल्डियाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएँ अनेक जिम्मेदारियों और मानसिक दबावों के बीच अपना जीवन व्यतीत करती हैं। परिवार, समाज और कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारियों को निभाते हुए वे अक्सर अपने मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। ऐसे में समाज का यह कर्तव्य है कि महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को समझा जाए और उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाई जाए।
उन्होंने कहा कि प्रयास वेलफेयर सोसाइटी का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना भी है जहाँ वे अपनी समस्याओं को साझा कर सकें और एक-दूसरे का सहयोग कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि महिलाएँ एक-दूसरे का साथ दें और सामूहिक रूप से आगे बढ़ें, तो समाज में बड़े सकारात्मक बदलाव संभव हैं।
मीनाक्षी घिल्डियाल ने बताया कि संस्था समय-समय पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, कार्यशालाएँ, पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न आयोजन करती रही है। उनके नेतृत्व में सोसाइटी लगातार समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में भी मानसिक स्वास्थ्य और महिला स्वावलंबन से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार करेगी।
कार्यक्रम में सोसाइटी की सक्रिय सदस्य रानी मधवाल, नैना लखेड़ा तथा उषा रमोला भी उपस्थित रहीं। सभी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए समाज में व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएँ मानसिक रूप से सशक्त होंगी, तभी वे अपने परिवार और समाज को भी मजबूत बना सकेंगी।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रंजना रावत, जो सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को कृषि कार्यों से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं, जिससे महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती के साथ-साथ महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य करना भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने प्रयास वेलफेयर सोसाइटी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल महिलाओं को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाली कई महिलाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मान से उन्हें समाज के लिए और अधिक कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम ने महिलाओं के सम्मान, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहयोग की भावना को एक नया संदेश दिया।
