Uttarakhand News: दून में राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर। घुमंतु बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की डीएम की अनूठी पहल – पर्वतजन

देहरादून, 29 अक्टूबर 2025। नीरज उत्तराखंडी उत्तराखंड में बाल शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर स्थापित किया है।
मुख्यमंत्री की प्रेरणा और जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में यह केंद्र “शिक्षा से जीवन उत्थान” के विजन को साकार कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य सड़कों पर भटकते, भिक्षावृत्ति में संलिप्त और घुमंतु बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
 शिक्षा की ओर लौटता बचपन
देहरादून जिला प्रशासन द्वारा निर्मित यह चाइल्ड-फ्रेंडली इंटेंसिव केयर सेंटर न सिर्फ शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास का भी आधार बन रहा है।यहां बच्चों को संगीत, योग, खेलकूद और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा की ओर प्रेरित किया जा रहा है, जिससे उनका ध्यान सड़क जीवन से हटकर उज्जवल भविष्य की ओर केंद्रित हो सके।

 “शिक्षा से जीवन उत्थान” विजन बना परिवर्तन की मिसाल
जिला प्रशासन की यह पहल मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरू हुई है और इसे “शिक्षा से जीवन उत्थान” अभियान के तहत लागू किया जा रहा है। अब तक दो चरणों में कुल 82 बच्चों को रेस्क्यू कर स्कूलों में दाखिला दिलाया जा चुका है —

पहले चरण में 51 बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिलाया गया।
दूसरे चरण में 31 बच्चों को राजकीय प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड और साधूराम इंटर कॉलेज में दाखिला दिया गया।

डेढ़ करोड़ की लागत से बन रहा है आधुनिक शिक्षा केंद्र
इन बच्चों की निरंतर शिक्षा और देखभाल के लिए डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से साधूराम इंटर कॉलेज परिसर में आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है। यह सेंटर नवीनतम शैक्षणिक तकनीक, विशेषज्ञ शिक्षकों और बाल मनोविज्ञान के अनुरूप सुविधाओं से सुसज्जित होगा।
 प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग
जिलाधिकारी सविन बंसल स्वयं इस इंटेंसिव केयर सेंटर की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “यह पहल सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि इन बच्चों के जीवन को नई दिशा देने का प्रयास है।”
तीन माह में बड़े परिणाम
जुलाई से सितंबर 2025 की अवधि में प्रशासन द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया है —

136 बालक संरक्षण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
138 बच्चों को मुक्त कर सुरक्षित वातावरण में लाया गया।
70 बच्चे भिक्षावृत्ति से और 14 बच्चे बालश्रम से रेस्क्यू किए गए।
अन्य राज्यों के 6 बच्चों को उनके परिवारों के पास सुरक्षित भेजा गया।

देहरादून जिला प्रशासन की यह पहल उत्तराखंड में बाल शिक्षा और पुनर्वास के क्षेत्र में एक स्वर्णिम अध्याय लिख रही है।राज्य का पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर न केवल शिक्षा का प्रतीक है, बल्कि यह यह संदेश भी दे रहा है कि “हर बच्चा शिक्षा का अधिकारी है, चाहे उसका प्रारंभिक जीवन जैसा भी रहा हो।”

Sapna Rani

Recent Posts

मुख्यमंत्री धामी ने जनहित के लिए प्रदान की गई 4 अत्याधुनिक एम्बुलेंस का किया फ्लैग ऑफ

दूरस्थ इलाकों तक पहुंचेगी त्वरित चिकित्सा सुविधा देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एचडीएफसी बैंक…

9 minutes ago

सेवा भारती के सेवा कार्यों से बदल रहा समाज का दृष्टिकोण : डॉ. शैलेन्द्र

भारतीय समाज में सेवा और सामूहिक चेतना हमारी पहचान : प्रो. सुरेखा डंगवाल देहरादून ।…

51 minutes ago

प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई जिला योजना की बैठक, विकास और रोजगार बढ़ाने पर विशेष फोकस

वर्ष 2026-27 हेतु 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार की वार्षिक जिला योजना अनुमोदित चमोली।…

2 hours ago

उत्तराखंड की लाखों महिलाओं के लिए अच्छी खबर, अब घर बैठे एक क्लिक पर मिलेगी फायदे की जानकारी – myuttarakhandnews.com

हल्द्वानी। केंद्र और राज्य सरकार की महिला केंद्रित सभी योजनाओं की जानकारी अब महिलाओं को…

4 hours ago

Rudranath Temple Opening: आज खुलेंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, जानें क्यों खास है ये धाम | | my uttarakhand news

Rudranath Temple Opening: आज खुलेंगे चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट, जानें क्यों खास है…

5 hours ago

शादी का झांसा, धोखा और मौत… 20 दिन जिंदगी से लड़ती रही किशोरी ने तोड़ा दम | | my uttarakhand news

शादी का झांसा, धोखा और मौत… 20 दिन जिंदगी से लड़ती रही किशोरी ने तोड़ा…

18 hours ago