

Uttarakhand Panchayat elections were very interesting! He won the seat of Gram Pradhan by losing by just 1 voteइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)Uttarakhand Panchayat Chunav Result: लोकतंत्र की असली ताकत क्या होती है, यह तब समझ में आता है जब एक-एक वोट किसी की किस्मत बदल देता है. एक वोट किसी की जीत में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है. उत्तराखंड के अलग-अलग गांवों में हुए पंचायत चुनाव में इसका बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला है. आज जब रिजल्ट आया तो कहीं उम्मीदवारों को बराबर वोट मिले तो कहीं महज एक वोट ने चुनाव का पूरा नतीजा बदल दिया. अल्मोड़ा जिले की ग्राम पंचायत बमनगांव और चमोली जिले की ग्राम पंचायत कोट में ऐसे ही दिलचस्प मुकाबले सामने आए हैं, जिन्होंने साबित कर दिया कि लोकतंत्र में हर एक वोट की अहमियत होती है.बमनगांव में विपिन चंद्र ने दोबारा मारी बाजीउत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की चौखुटिया तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बमनगांव में इस बार आखिरी वक्त तक मुकाबला बेहद करीबी रहा. ग्राम पंचायत प्रत्याशी विपिन चंद्र ने अपनी प्रतिद्वंदी लतिका किरौला को सिर्फ एक वोट से हराकर जीत दर्ज की. उन्हें कुल 60 वोट मिले, जबकि लतिका किरौला को 59 वोट मिले. जबकि 4 वोट रद्द हो गए. इस तरह एक-एक वोट ने तस्वीर पूरी तरह बदल दी.दिलचस्प बात यह है कि विपिन चंद्र वर्ष 2019 में भी ग्राम प्रधान चुने गए थे. उनकी इस बार की जीत ने न सिर्फ गांववालों के भरोसे को फिर से मजबूत किया, बल्कि यह भी बताया कि लोग उनके पिछले कार्यकाल से संतुष्ट हैं और उन्हें एक और मौका देना चाहते हैं.कोट पंचायत में भी एक वोट बना निर्णायकवहीं, चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोट में भी प्रधान पद का मुकाबला बेहद रोचक रहा. यहां शुरू में प्रत्याशी रजनी देवी और कुलदीप सिंह को 72-72 वोट मिले. इस स्थिति में प्रशासन ने दोबारा मतगणना कराने का फैसला लिया. दोबारा गिनती में रजनी देवी को 73 और कुलदीप सिंह को 72 वोट मिले. इस तरह रजनी देवी ने कुलदीप सिंह को महज एक वोट से हराकर प्रधान पद की कुर्सी अपने नाम कर ली.
