ऋषिकेश,। भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था और श्रद्धा के प्रतीक कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाले कांवड़ मेले के दृष्टिगत ऋषिकेश में पुलिस अधिकारियों की उच्चस्तरीय ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसमें अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) के नेतृत्व में देहरादून, टिहरी गढ़वाल एवं पौड़ी गढ़वाल जनपदों में कांवड़ मेला ड्यूटी पर तैनात समस्त पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।ब्रीफिंग में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र, पुलिस उपमहानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पुलिस बल को संबोधित करते हुए कहा कि कांवड़ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों शिवभक्तों की आस्था, विश्वास और सनातन संस्कृति का महापर्व है। ऐसे में पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण दायित्व है।अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने ड्यूटी प्वाइंट की जिम्मेदारियों, संवेदनशील स्थानों तथा स्थानीय परिस्थितियों की पूरी जानकारी प्राप्त कर पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ मेले के दौरान पुलिस का व्यवहार ही उत्तराखंड पुलिस की छवि को प्रदर्शित करेगा, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी श्रद्धालुओं के साथ विनम्र, संयमित एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाएं तथा उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं।उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए पूर्व निर्धारित पार्किंग स्थलों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्थिति में मुख्य मार्गों पर अनावश्यक वाहन खड़े न होने दिए जाएं। पार्किंग स्थलों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए गए।बैठक में अधिकारियों ने कांवड़ मार्ग पर स्थापित होने वाली अस्थायी दुकानों, ढाबों तथा बाहर से आने वाले व्यापारियों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापन अत्यंत आवश्यक है ताकि असामाजिक तत्व धार्मिक आयोजन की आड़ में किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को अंजाम न दे सकें।अपर पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया कि वे ड्यूटी के दौरान शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय रहें और प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान छोटी-छोटी कहासुनी या विवाद भी कभी-कभी बड़े तनाव का कारण बन सकते हैं। इसलिए किसी भी विवाद की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यक होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया जाए।ब्रीफिंग में विशेष रूप से देहरादून, पौड़ी और टिहरी पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार संवाद बनाए रखा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की भीड़ या यातायात संबंधी समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने की स्थिति में पूर्व निर्धारित डायवर्जन प्लान को तत्काल प्रभाव से लागू करने तथा भीड़ को नियंत्रित ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।मानसून के मौसम को देखते हुए पुलिस कर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सभी पुलिसकर्मी अपने साथ छाता अथवा बरसाती अवश्य रखें तथा भूस्खलन, जलभराव, तेज बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदाओं जैसी आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। उन्होंने कहा कि आपदा की किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।बैठक में सोशल मीडिया की निगरानी को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चौबीसों घंटे सतर्क निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक, अफवाह फैलाने वाली या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट का तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण भी शांतिपूर्ण कांवड़ मेले के सफल संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।सेक्टर अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अधीनस्थ पुलिस कर्मियों को ड्यूटी स्थलों पर जाकर व्यक्तिगत रूप से ब्रीफ करें, प्रत्येक पुलिसकर्मी को उसकी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से समझाएं तथा नियमित रूप से उनकी कार्यप्रणाली की निगरानी करें। साथ ही किसी भी अप्रिय घटना की सूचना बिना विलंब उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।बैठक के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से कांवड़ मेला-2026 शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न होगा तथा देशभर से आने वाले लाखों शिवभक्तों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा।
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