Subscribe for notification

Uttarakhand: “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में रिकॉर्ड उपलब्धि

Uttarakhand News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम ने जनसेवा, पारदर्शिता और त्वरित समाधान के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। 16 जनवरी 2026 तक आयोजित शिविरों के आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार आमजन की समस्याओं को उनके द्वार तक जाकर सुनने और समाधान देने के लिए पूरी  तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अब तक कुल 363 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें से 347 शिविर पूर्व दिवसों तक और 16 शिविर आज आयोजित हुए। इन शिविरों के माध्यम से कुल 2,80,030 नागरिकों ने सहभागिता की, जिनमें 2,77,654 लोग पूर्व दिवसों तक और 10,376 लोग आज शामिल रहे। यह दर्शाता है कि सरकार की इस पहल को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
शिविरों में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 29,086 शिकायतों का निस्तारण किया गया है, जिनमें 28,293 शिकायतें पूर्व दिवसों तक तथा 793 शिकायतों का निस्तारण आज किया गया। इसके साथ ही कुल 19,491 शिकायतें पंजीकृत की गईं, जिनमें 18,973 शिकायतें पूर्व दिवसों तक और 518 शिकायतें आज दर्ज की गईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सीएम धामी की मंशा के अनुरूप शिविरों में प्राप्त आवेदनों के समर्थन में विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र भी बड़ी संख्या में बनाए गए। कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक कुल 39,689 प्रमाण पत्र तैयार किए गए, जिनमें 38,255 प्रमाण पत्र पूर्व दिवसों तक और 1,444 प्रमाण पत्र आज बनाए गए। यह सुविधा नागरिकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बना रही है।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किए गए नागरिकों की संख्या भी उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के माध्यम से अब तक कुल 1,58,239 व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया, जिनमें 1,51,565 लाभार्थी पूर्व दिवसों तक और 6,674 लाभार्थी आज शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का उद्देश्य केवल समस्याएं सुनना नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनता से प्राप्त प्रत्येक शिकायत और सुझाव पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए, ताकि शासन और जनता के बीच विश्वास और अधिक मजबूत हो।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जिसने प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ते हुए सेवा, समाधान और संतुष्टि की नई मिसाल कायम की है।

Sapna Rani

Recent Posts

Proposal on ‘inclusive & disaster-sensitive development’ of Mussoorie submitted to CM

By Sunil SonkarMussoorie, 16 Feb: Advocate and BJP youth leader Aryan Dev Uniyal met Chief…

9 hours ago

GMVN to revise tariffs ahead of Char Dham Yatra: Jain

Prateek Jain takes charge as MD, GMVN By Arun Pratap SinghGarhwal Post Bureau Dehradun, 16…

10 hours ago

Public response to Cong protest was poor: Deepti Rawat

my uttarakhand news Bureau Dehradun, 16 Feb: BJP state general secretary Deepti Rawat Bhardwaj today…

10 hours ago

Drishti Eye Institute launches most advanced Retina Imaging System in Doon

my uttarakhand news Bureau Dehradun, 16 Feb: Drishti Eye Institute marked a significant milestone in…

10 hours ago