देहरादून। उत्तराखंड को देश का रोपवे हब बनाने की बड़ी तैयारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर रोपवे परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का काम तेज कर दिया गया है। राज्य और केंद्र सरकार की साझेदारी में प्रदेश में लगभग 160 किमी लंबाई के 51 रोपवे परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
सुगम, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन कनेक्टिविटी का विकास मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संकल्प है। इस संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सेवाओ के साथ ही अब रोपवे कनेक्टिविटी को रफ्तार दी जा रही है।
प्रदेश की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे बेहतर वैकल्पिक परिवहन साधन है। इससे जहां धार्मिक और पर्यटन स्थलों की पहुंच आसान होगी, वहीं तीर्थाटन, पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसलिए जरूरी हैं रोपवे परियोजनाएंउत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते वर्ष 2025 में छह करोड़, तीन लाख से अधिक पर्यटक/ तीर्थयात्री यहां पहुंचे हैं। इसको देखते हुए सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था जरूरी है। जिस प्रकार से सड़कों पर यातायात के दबाव के साथ वाहन प्रदूषण बढ़ रहा है।
इन एजेंसियों के जिम्मे हैं रोपवे परियोजनाएंराष्ट्रीय राजमार्ग लाजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल), उत्तराखंड मैट्रो रेल कारपोरेशन, शहरी स्थापना एवं भवन निर्माण निगम व पर्यटन विभाग।
प्रमुख छह परियोजनाएंसोनप्रयाग-केदारनाथ (रुद्रप्रयाग)गोविंदघाट- हेमकुंड साहिब (चमोली)रानीबाग-हनुमानगढ़ी-कैची धाम (नैनीताल)कनकचौरी-कार्तिक स्वामी (रुद्रप्रयाग)जोशीमठ-औली-गोरसों (चमोली)रैथल-दयारा बुग्याल (उत्तरकाशी)
राज्य में प्रस्तावित अन्य परियोजनाएंरानीखेत-चौबटिया (चार किमी)। कसारदेवी-अल्मोड़ा (2.76 किमी)। अल्मोड़ा-द्वाराहाट दूनागिरी मोटर मार्ग 14 किमी (हनुमान मंदिर)-दूनागिरी मंदिर (.63 किमी)। द्वाराहाट-कुकुछीना-पाण्डुखोली (1.9 किमी)। चौखुटिया-तरगताल-कुकुछीना (1.9 किमी)। चौघानपाटा-बेस अस्पताल (1.5 किमी), बेस अस्पताल से नवीन कलक्ट्रेट (1.35 किमी)। नवगढ़ क्लब तल्लीताल बाजार से गंगनाथ मंदिर के नीचे (एक किमी)। ईएसआइ डिस्पेंसरी, कैमल बैक रोड से लाल टिब्बा मसूरी (ढ़ाई किमी)। ईएसआइ डिस्पेंसरी, कैमल बैक रोड से जार्ज एवरेस्ट मसूरी (चार किमी)। भनोट एस्टेट, कैमल बैक रोड से कैम्पटी फॉल, मसूरी (4.4 किमी) जार्ज एवरेस्ट हाउस से भद्राज मंदिर, मसूरी (7.4 किमी)। टपकेश्वर महादेव मंदिर से गुच्चूपानी रॉबर्स केव (4.5 किमी)। रायपुर से मालदेवता (4.6 किमी)। मालदेवता से धनोल्टी (15 किमी)।
उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे न केवल धार्मिक और पर्यटन स्थलों की पहुंच आसान होगी बल्कि सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने के साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा भी हो सकेगी। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।
my uttarakhand news Bureau Srinagar, 20 Sep: The BJP received a significant boost in the…
By Sunil Sonker Mussoorie, 20 Sep: An initiative has been launched to secure recognition for…
my uttarakhand news Bureau Roorkee, 20 Sep: Indian Institute of Technology Roorkee (IIT Roorkee) concluded…
my uttarakhand news Bureau New Delhi/Dehradun, 20 Sep: The documentary, “Adi Kailash”, a cinematic journey…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 20 Sep: A biker was killed and two people were…
my uttarakhand news Bureau Dehradun, 20 Sep: Under the guidance of Dr Mahesh Kuriyal and…