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उत्तराखंड में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक सत्यापन अभियान चलाने का निर्णय लिया है. पुलिस महानिदेशक ने राज्यभर में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और आपराधिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं. इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को बढ़ाना है.
डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष टीमें गठित की जाएंगी, जो अपने-अपने क्षेत्रों में गहन सत्यापन अभियान चलाएंगी. क्षेत्राधिकारी (सीओ) से लेकर आईजी रेंज स्तर तक अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी भी तय होगी. पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
इन जगहों पर होगी जांचअभियान के तहत मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट, किराये के मकान, पीजी, होम-स्टे, होटल, गेस्ट हाउस, आश्रम और धर्मशालाओं में रह रहे लोगों का सत्यापन किया जाएगा. साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों, ठेकेदारों और अस्थायी मजदूरों की भी जांच की जाएगी. बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार रखने वाले मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
डिलीवरी एजेंट से लेकर विदेशी नागरिक तक दायरे मेंई-कॉमर्स और होम डिलीवरी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को भी अभियान के दायरे में लाया गया है. डिलीवरी एजेंटों का प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन किया जाएगा. इसके अलावा सिक्योरिटी गार्ड, कैब चालक, मॉल, जिम, कोचिंग सेंटर, स्कूल, विश्वविद्यालय और ब्यूटी पार्लर में कार्यरत कर्मचारियों की भी जांच होगी.
पुलिस विशेष रूप से उन मामलों पर नजर रखेगी, जहां विदेशी नागरिक वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से रह रहे हैं. अवैध घुसपैठियों, संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों, खनन कारोबारियों और प्रॉपर्टी डीलरों की गतिविधियों की भी जांच की जाएगी.
केवल औपचारिकता नहीं, ठोस कार्रवाईडीजीपी ने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई के रूप में चलाया जाएगा. पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए और अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं. उत्तराखंड पुलिस का मानना है कि इस व्यापक सत्यापन अभियान से आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा और प्रदेश में भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा.