
देहरादून: नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। वित्त विशेषज्ञों का अनुमान है कि नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड का सकल घरेलु उत्पाद (जीडीपी) चार करोड़ का आंकड़ा पार कर सकता है। इसके 4.10 लाख करोड़ से अधिक रहने की संभावना है।
वित्त एवं नियोजन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कहा कि राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण 2026-27 से इसका विस्तृत ब्योरा पेश किया जा रहा है। आगामी नौ मार्ट से गैरसैंण में शुरू होने जा रहे बजट सत्र में सर्वेक्षण रिपोर्ट को पेश किया जाना है। सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि जीडीपी में लगातार वृद्धि हो रही है। इसमें प्रत्येक राज्यवासी के प्रयास शामिल हैं। हाल में केंद्र सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में दक्षता के लिए राज्य को निवेश के लिए 350 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है।
प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोत्तरीमालूम हो कि आर्थिक मोर्चे पर राज्य ने हालिया वर्षों में बेहतर प्रदर्शन किया है। विभिन्न सेक्टर में 30 से ज्यादा नई नीतियां लागू की गई हैं। विकास और आर्थिक मोर्चचों पर नए सुधार के पीछे यह भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार इस बार जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय आदिक विभिन्न सेक्टर का केंद्रीय एजेंसी नेशनल कौंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) से भी अध्ययन कराया है। सूत्रों के अनुसार प्रति व्यक्ति आय में भी विशेषज्ञों ने बढ़ोत्तरी का अनुमान किया है। वर्ष 2027-25 में प्रति व्यक्ति आय 2.50 लाख रुपए आंकी गई थी, जो कि वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2.74 लाख रुपए पहुंच गई थी।
1.10 लाख करोड़ पर पहुंचेगा बजट आकारराज्य गठन के बाद पहली निर्वाचित सरकार ने वर्ष 2002-03 में महज 5 हजार 880 करोड़ रुपए का बजट पारित किया था। तब से बजट का आकार बढ़ता जा रहा है। पिछले साल इसने एक लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था। सूत्रों के अनुसार 2023-27 का सालाना बजट 1.10 लाख करोड़ तक होने जा रहा है। वित्त विभाग ने बजट की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
25 साल पहले 15 हजार 826 करोड़ थी जीडीपी2000 में राज्य गठन के वक्त राज्य की जीडीपी का आकार बेहद सीमित था। वर्ष 2001-02 के आर्थिक विश्लेषण में राज्य की जीडीपी का आकार 15 हजार 826 रुपये आंका गया था। इसके बाद से जीडीपी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2024-25 में जीडीपी का आकार 3.47 लाख करोड़ और उसके बाद 2025-26 में 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। अब वर्ष 2026-27 में इसके चार लाख करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर लेने का अनुमान है। वित्त विभाग के अनुसार हालिया कुछ वर्षों में राज्य ने विभिन्न सेक्टर में तेजी से हाथ-पांव फैलाए हैं। नए प्रोजेक्ट, रोजगार, स्वरोजगार, उद्यम सेक्टर में किए गए कार्यों की बदौलत जीडीपी में बढोत्तरी की दर बनी हुई है।
