उत्तराखंड की ट्राउट मछली पहुंची विदेशी बाजार, मत्स्य क्षेत्र को मिला नया कारोबार –

 
देहरादून। उत्तराखंड के मत्स्य पालन क्षेत्र ने पहली बार हिमालयन ट्राउट मछली का अंतरराष्ट्रीय बाजार में सफल निर्यात कर नई उपलब्धि हासिल की है। इस पहल से राज्य के मत्स्य पालकों के लिए वैश्विक बाजार के द्वार खुलने के साथ आय बढ़ाने की नई संभावनाएं भी विकसित हुई हैं।
देहरादून स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि राज्य की तीन मत्स्यजीवी सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित ट्राउट मछली को गुजरात के वेरावल में प्रोसेसिंग के बाद नेपाल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात किया गया। इस निर्यात से 33 मत्स्य पालकों को करीब 23.50 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई, जबकि मत्स्य विभाग ने हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग और परिवहन के लिए 5.40 लाख रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई।
मंत्री ने कहा कि दुबई में आयोजित गल्फ फूड एक्सपो के दौरान विभाग ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से संपर्क स्थापित किया है। इसके परिणामस्वरूप भविष्य में ट्राउट मछली के निर्यात को अन्य देशों तक विस्तार देने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के साथ हुए समझौते के तहत अब तक 45.10 मीट्रिक टन ट्राउट मछली की आपूर्ति की जा चुकी है, जिसकी कुल कीमत 2.10 करोड़ रुपये से अधिक है।
राज्य में मत्स्य पालन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्ष 2022 तक जहां प्रदेश में 1,011 मत्स्य पालक थे, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर 15,657 हो गई है, जिनमें 3,584 महिलाएं शामिल हैं। मत्स्य उत्पादन की वार्षिक वृद्धि दर भी 2 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
वर्ष 2026-27 में राज्य में 11,805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन दर्ज किया गया, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य 165 करोड़ रुपये रहा। इसी अवधि में मत्स्य विभाग का बजट 2021-22 के 55.76 करोड़ रुपये से बढ़कर 261 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। पिछले चार वर्षों में 5,646 लोगों को मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार मिला है, जबकि विभाग में 33 नियमित नियुक्तियां भी की गई हैं।
ट्राउट मछली का पहला अंतरराष्ट्रीय निर्यात उत्तराखंड के मत्स्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे राज्य के उत्पादों की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक पहचान और निर्यात क्षमता को नया बल मिलने की उम्मीद है।

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