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उत्तराखण्ड महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने निराश्रित महिलाओं के साथ मनाया नव वर्ष ll – पर्वतजन

उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष एवं उत्तराखण्ड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री ऐश्वर्या रावत ने वर्ष 2026 का पहला दिन देहरादून स्थित महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र में रह रहीं 190 महिलाओं के साथ मनाया, श्रीमती ऐश्वर्या रावत ने केंद्र में रह रहीं सभी महिलाओं को अपनी ओर से नव वर्ष के उपहार के साथ ही जलपान आदि की व्यवस्था की l
 
उत्तराखण्ड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री श्रीमती ऐश्वर्या रावत ने बताया कि कुछ समय पूर्व वह महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र देहरादून के निरीक्षण पर गयीं थीं तो कुछ महिलाओं ने उनसे अपने जरूरत की कुछ चीजों के लिये व्यक्तिगत निवेदन किया था, सरकारी व्यवस्था में बजट निर्धारित होता है एवं सबकी ईच्छानुसार व्यक्तिगत जरूरत सरकारी मद से पूरी नहीं की जा सकती इसीलिए मैंने स्वर्गीय शैला रानी रावत सामाजिक सेवा ट्रस्ट की ओर से कुछ महिलाओं की व्यक्तिगत ईच्छानुसार उनकी मदद की कोशिश की है l

 
ऐश्वर्या रावत ने बताया कि केंद्र में रह रही जो भी महिला पत्राचार के द्वारा पढ़ना चाहती है या कोई व्यवसायिक कोर्स करना चाहती है उन महिलाओं को वह अपनी माँ स्वर्गीय विधायक शैला रानी रावत सामाजिक सेवा ट्रस्ट की ओर से हर तरह की मदद के लिये तैयार हैं l
 
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में उत्तराखण्ड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री एवं उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत की माता जी केदारनाथ विधानसभा से 2 बार विधायक रहीं हैं, उनके निधन के बाद उनके नाम से श्रीमती ऐश्वर्या रावत ने शैला रानी रावत सामाजिक सेवा ट्रस्ट के नाम से एक ट्रस्ट बताया है और जिसके माध्यम से वह लगातार सामाजिक सेवा सम्बन्धित कार्य करती रहतीं हैं, MA BED, एवं वक़ालत की पढ़ाई करने के बाद ऐश्वर्या रावत वर्तमान में रुद्रप्रयाग जनपद के अगस्तमुनि में अपना इण्टर कालेज चलाती हैं, केदारनाथ विधानसभा के सभी छोटे बड़े सामाजिक कार्यकर्मो में, सुख दुख के समय क्षेत्र के गांवों में ऐश्वर्या रावत को अक्सर देखा जाता है, ऐश्वर्या रावत की सक्रियता को देखते हुए केदारनाथ विधानसभा से सम्भावित भाजपा प्रत्याशी के रूप में उनकी चर्चा आम है l
ऐश्वर्या रावत का परंपरागत राजनीति से इतर निराश्रित महिलाओं के बीच नव वर्ष की खुशियां मनाना। उनकी समस्याओं का समाधान सरकारी मद से नहीं अपने व्यक्तिगत संसाधनों से करने की कोशिश एक साकारात्मक पहल है l

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