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विजिलेंस की कार्रवाई से खलबली; 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार – Uttarakhand myuttarakhandnews.com

Vigilance action causes panic; Revenue inspector arrested while taking bribe of Rs. 15000

Latest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून। विजिलेंस देहरादून सेक्टर की टीम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए पौड़ी गढ़वाल के अगरोड़ा पट्टी क्षेत्र में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को 15000 रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपित खातेदारों में नाम व आख्या बनाने के एवज में घूस मांग रहा था, जिसे विजिलेंस की ट्रैप टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अगरोडा पट्टी के गांव नौगांव निवासी एक व्यक्ति ने विजिलेंस के हेल्पलाइन नंबर 1064 पर शिकायत की थी कि उनके खाता संख्या-20 के खातेदारों में अपने पिता के नाम दर्ज भूमि के सीमांकन और उसकी आख्या बनाने के एवज में कानूनगो कैलाश रवि उनसे रिश्वत की मांग कर रहा है।बिना रिश्वत के काम करने को तैयार नहीं थालंबे समय से वह दस्तावेज लेने की बात कर रहे थे, लेकिन राजस्व निरीक्षक बिना रिश्वत के काम करने को तैयार नहीं हुआ। शिकायत के आधार पर विजिलेंस के निदेशक डा. वी मुरुगेशन के निर्देश पर एक ट्रैप टीम गठन किया गया। शनिवार को ट्रैप टीम ने राजस्व निरीक्षक पट्टी क्षेत्र अगरोडा कैलाश रवि को 15 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।संपत्तियों की जानकारी जुटा रही टीमविजिलेंस की टीम आरोपित राजस्व निरीक्षक के आवास की तलाशी व अन्य स्थानों पर चल संपत्ति के संबंध में जानकारी जुटा रही है। निदेशक विजिलेंस डा. बी मुरुगेशन ने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी प्रकार के कार्य के एवज में रिश्वत की मांग करता है तो वह तत्काल इसकी सूचना विजिलेंस को दे सकता है, या फिर हेल्पलाइन नंबर 1064 व वाट्सएप नंबर 9456592300 पर संपर्क कर सकते हैं।नौ महीनों में 31 भ्रष्टाचारियों को भेजा जेलनिदेशक विजिलेंस डा. वी. मुरुगेशन ने बताया कि विजिलेंस की ओर से इस वर्ष आठ महीनों में प्रदेश भर में 22 ट्रैप किए गए, जिनमें सरकारी विभागों के 31 भ्रष्टाचारी अधिकारियों-कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें चार राजपत्रित अधिकारी और 25 गैर-राजपत्रित अन्य अधिकारी शामिल हैं।गिरफ्तार आरोपितों में पुलिस विभाग से पांच, परिवहन विभाग के तीन, राजस्व विभाग के चार, शिक्षा विभाग के तीन, विद्युत विभाग के चार, राज्य कर विभाग का एक, आबकारी विभाग का एक, खेल विभाग का एक, वन विभाग का एक, शहरी विकास विभाग का एक, लघु सिंचाई विभाग का एक, पंचायती राज विभाग का एक, आवास विकास विभाग का एक, औद्यौगिक विभाग का एक और खाद्य आपूर्ति विभाग का एक आरोपित शामिल है।

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