उत्‍तराखंड में चारधाम यात्रा के तीर्थ यात्रियों के लिए चेतावनी जारी, भारी बारिश के चलते लैंडस्‍लाइड का खतरा – Uttarakhand myuttarakhandnews.com

Warning issued for pilgrims of Chardham Yatra in Uttarakhand, danger of landslide due to heavy rain

Latest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बुधवार को भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने चमोली और बागेश्वर जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि अन्य जिलों में भी कई दौर की तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को हिदायत की है कि बारिश के दौरान दिन के साथ ही रात को भी सतर्क रहें। संवेदनशील इलाकों में जहां भूस्खलन और चट्टान गिरने का अधिक खतरा है वहां जाने से बचें।झमाझम बारिश होने से जहां उमसभरी गर्मी से कुछ राहत मिल रही है तो वहीं देहरादून की सड़कें पानी से लबालब भरी नजर आ रही है। बारिश का पानी लोगों के घरों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहा है। पानी के निकासी का कोई इंतजाम न होने के कारण लोग परेशान हो रहे हैं।बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्र में भूस्खलन जोन सक्रिय हो रखे हैं। जिसकी वजह से आए दिन पहाड़ दरक रहे हैं। पहाड़ों से भरी पत्थर गिरने के कारण लोगों की जान को भी खतरा बना हुआ है। प्रदेश में चल रही चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या में भी कमी आई है लेकिन फिर भी अच्छी खासी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा करने पहुंच रहे हैं।केदारनाथ धाम में तो रात्रि में चलने वाली यात्रा पर रोक लगा दी गई है। गौरीकुंड केदारनाथ पैदल मार्ग इस समय काफी खतरनाक बना हुआ है। खतरनाक मोड़ और खड़ी चढ़ाई के साथ ही भूस्खलन का खतरा हमेशा रहता है। गौरीकुंड घोड़ा पड़ाव से छानी कैंप तक लगभग 13 किलोमीटर का रास्ता पूरी तरफ खड़ी पहाड़ी और नीचे की तरफ खाई है जहां मंदाकिनी नदी बह रही है। यहां पर हल्की सी गलती भी जान पर भारी पड़ सकती है।इसी तरह से चीड़वासा पूरा भूस्खलन जोन है। जंगल चट्टी से भीमबली तक 2 किलोमीटर का क्षेत्र जंगलों से घिरा हुआ है। यहां भी पहाड़ से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। टीएफटी चट्टी, हथिनी गदेरा, कुबेर गदेरा, भैरव गदेरा आदि हिमखंड जोन यात्रा के पहले से ही पूरी तरह से सक्रिय है, जिसकी वजह से आवाजाही में दिक्कतें होती हैं।

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