

हरिद्वार: करीब एक साल पहले हरिद्वार जिले की रानीपुर कोतवाली में हुई लैब टेक्नीशियन वसीम की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा दी है. पुलिस ने हत्यारोपी होमगार्ड को गिरफ्तार कर किया है. आरोपी होमगार्ड ने वसीम की गोली मारकर हत्या की थी. आरोपी का नाम अभिमन्यु पुत्र अर्जुन सिंह है, जो हरिद्वार जिले के ही मंगलौर थाना क्षेत्र के सकौती गांव का रहना वाला है.
हरिद्वार एसएसपी प्रमोद डोबाल ने इस पूरे मामला का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि आरोपी ने एक महिला के चक्कर में लैब टेक्नीशियन वसीम की हत्या की थी. पुलिस जांच में सामने आया कि वसीम के एक महिला से संबंध थे. बाद में वो महिला आरोपी अभिमन्यु के संपर्क में आई. वसीम बार-बार उस महिला को ब्लैकमेल कर उससे अश्लील फोटो वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा था. इसी बात से गुस्साए अभिमन्यु ने वसीम को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया.
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया ये पूरी तरह एक ब्लाइंड केस था. पुलिस के मुताबिक इसी साल 18 जनवरी को ग्राम गढ़मीरपुर में लैब टैक्नीशियन वसीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वसीम के पिता की तहरीर पर पुलिस ने कोतवाली रानीपुर में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था.
वसीम हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमों को लगाया गया. पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला. इसके साथ ही वसीम के मोबाइल नंबर के डिजिटल साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया, फिर भी पुलिस के हाथ कोई ऐसा सुराग नहीं लगा, जो उन्हें आरोपी तक पहुंचा सके.
स्कूटी ने खोला हत्या का राज: इस केस को हरिद्वार पुलिस ने एक चुनौती के तौर पर लिया. एसएसपी के निर्देश पर सीआईयू हरिद्वार ने दोबार से सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की. इसके अलावा कई अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई. इस बार पुलिस की जांच के घेरे में ग्रे रंग की जुपिटर स्कूटी आई.
पुलिस ने बताया कि 22 दिसंबर की रात पुलिस ने उसी स्कूटी को चेकिंग के दौरान पकड़ा. साथ ही स्कूटी सवार एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया. हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने अपना नाम अभिमन्यु पुत्र अर्जुन सिंह निवासी ग्राम सकौती थाना मंगलौर, जनपद हरिद्वार उम्र 32 वर्ष बताया.
पूछताछ में हुआ सनसनीखेज खुलासा: पुलिस पूछताछ में अभिमन्यु ने बताया कि वह साल 2015 में होमगार्ड में भर्ती हुआ था. वर्ष 2024 में उसकी दोस्ती होमगार्ड महिला से हुई. उस महिला की पूर्व में वसीम से दोस्ती थी. वसीम के मोबाइल में महिला की कुछ फोटो और मैजेस भी थे. उन्हीं फोटो को वायरल करने की धमकी देकर वसीम अक्सर महिला को परेशान व प्रताड़ित किया करता था. इसीलिए अभिमन्यु ने वसीम को रास्ते हटाने का प्लान बनाया.
सोशल मीडिया से एकत्रित की मृतक की जानकारी: आरोपी अभिमन्यु ने सोशल मीडिया के माध्यम से वसीम की जानकारी एकत्रित की. साथ ही उसकी दिनचर्या की रेकी की. 17 जनवरी शाम को अभिमन्यु ने महिला की स्कूटी, जो चौकी बाजार बहादराबाद में खड़ी थी, उसे दूसरी चाबी से स्टार्ट किया और वसीम के पीछे-पीछे चला गया. वसीम बाइक पर आगे-आगे जा रहा था.
बाइक पर ही मारी गोली: पुलिस के मुताबिक अभिमन्यु ने ग्राम गढ़ के पास वसीम को देशी तमंचे से गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गई. इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. आखिरकार एक साल बाद आरोपी वसीम पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किया गया.
