उत्तराखंड में मौसम का कहर: कई जिलों में भारी बारिश और हिमपात का ऑरेंज अलर्ट, देहरादून व पिथौरागढ़ में स्कूल बंद – पर्वतजन

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम की स्थिति कड़ी बनी हुई है। मौसम विज्ञान विभाग ने विभिन्न जिलों में आज वर्षा और हिमपात की आशंका व्यक्त की है। इस कारण विभाग ने ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इस चेतावनी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने देहरादून और पिथौरागढ़ में कक्षा 12 तक के विद्यालयों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए मंगलवार को छुट्टी की घोषणा की है।
 
वर्षा और हिमपात की चेतावनी: उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने आज राज्य के उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा तथा हिमपात की संभावना जताई है। इसके अलावा देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में कुछ क्षेत्रों में मेघ गर्जना के साथ बिजली गिरने, ओले पड़ने तथा तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा) चलने की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, साथ ही नागरिकों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 
विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश: राजधानी देहरादून की बात करें तो यहां आकाश में हल्के बादल छाए रह सकते हैं। मेघ गर्जना के साथ हल्की से मध्यम वर्षा की फुहारें पड़ने की संभावना है। साथ ही तेज हवाएं (30-40 किमी प्रति घंटा) चल सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अन्य जिलों के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा तथा हिमपात (2500 मीटर या इससे ऊंचे इलाकों में) होने की भविष्यवाणी की गई है। हिमपात और वर्षा के चलते देहरादून और पिथौरागढ़ जिलों में सभी विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है।
 
पिछले दिनों में भारी हिमपात: याद दिलाते चलें कि हाल के दिनों में वर्षा और हिमपात के बाद सर्दी में वृद्धि हुई है। हिमपात के बाद पर्यटक बड़ी संख्या में पर्वतीय स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय कारोबारियों में उत्साह है। हिमपात के कारण तापमान में कमी आई है और लोग ठंड से बचाव के लिए आग का सहारा ले रहे हैं। यदि मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित होती है, तो स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पहले हुए हिमपात से राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में दैनिक जीवन प्रभावित हुआ था।

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