
उत्तराखंड : उत्तराखंड में नए साल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने करवट बदल ली है। लंबे इंतजार के बाद प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को केदारनाथ धाम में वर्ष 2026 की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई और स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे। बर्फबारी के चलते केदारनाथ और आसपास के इलाकों में तापमान में गिरावट आई है।
रुद्रप्रयाग जनपद के गुप्तकाशी क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर बाद हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिली। वहीं चमोली जनपद के ऊंचाई वाले इलाकों में गुरुवार रात मलारी में हल्की बर्फबारी हुई। इसके अलावा हेमकुंड साहिब, बदरीनाथ के नर-नारायण पर्वत, नीलकंठ, बसुधारा सहित अन्य ऊंची चोटियों पर भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। हालांकि बर्फबारी ज्यादा देर तक नहीं हुई, लेकिन इससे पहाड़ों में ठंड का असर बढ़ गया है। शुक्रवार को धूप निकलने के बाद ऊंची चोटियों पर जमी बर्फ चमकती नजर आई।
मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ इलाकों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इससे मैदानी क्षेत्रों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। पर्वतीय इलाकों में खासकर 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।
आने वाले दिनों की बात करें तो तीन और चार जनवरी को प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पांच जनवरी को एक बार फिर मौसम बदल सकता है, जबकि छह और सात जनवरी को फिर से शुष्क मौसम रहने का अनुमान है। उधर, गुरुवार को मैदानी इलाकों में छाए घने कोहरे के कारण दिनभर ठंड का असर बना रहा और लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ा।
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