विश्व मस्तिष्क दिवस: समय पर जांच और जागरूकता से बचाई जा सकती हैं गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियां –

देहरादून,। विश्व मस्तिष्क दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने मस्तिष्क स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रत्येक व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण न्यूरोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस वर्ष की वैश्विक थीम “Brain Health: Access for All” के तहत विशेषज्ञों ने कहा कि उम्र, आर्थिक स्थिति या भौगोलिक दूरी किसी भी व्यक्ति के बेहतर मस्तिष्क उपचार में बाधा नहीं बननी चाहिए।विशेषज्ञों के अनुसार मस्तिष्क शरीर का सबसे महत्वपूर्ण नियंत्रण केंद्र है, जो याददाश्त, सोचने-समझने, बोलने, भावनाओं और शरीर की विभिन्न गतिविधियों का संचालन करता है। वर्तमान समय में स्ट्रोक, मिर्गी, ब्रेन ट्यूमर, पार्किंसन, डिमेंशिया, माइग्रेन और सिर की गंभीर चोट जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे अनियंत्रित मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, बदलती जीवनशैली, बढ़ती उम्र और जागरूकता की कमी प्रमुख कारण हैं।विशेषज्ञों ने बताया कि चेहरे, हाथ या पैर में अचानक कमजोरी, तेज सिरदर्द, दौरे पड़ना, बोलने या समझने में कठिनाई, संतुलन बिगड़ना, दृष्टि संबंधी समस्या, याददाश्त कमजोर होना या व्यवहार में अचानक बदलाव जैसे लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे संकेत दिखाई देने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने से मरीज के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर (न्यूरोसर्जरी) डॉ. यशबीर दीवान ने कहा कि आधुनिक न्यूरोसर्जरी तकनीकों जैसे हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग, कंप्यूटर-गाइडेड नेविगेशन, एंडोस्कोपिक तकनीक और मिनिमली इनवेसिव ‘कीहोल’ सर्जरी से जटिल मस्तिष्क रोगों का उपचार अधिक सुरक्षित और सटीक तरीके से संभव हो रहा है। इन तकनीकों से मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, कम समय तक अस्पताल में भर्ती रहने और शीघ्र स्वस्थ होने का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार छोटे शहरों तक होना भी बेहद आवश्यक है।कंसल्टेंट (न्यूरोलॉजी) डॉ. आयुष सिंह ने कहा कि मस्तिष्क संबंधी बीमारियां कई बार लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षणों के विकसित होती रहती हैं। इसलिए नियमित स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप एवं शुगर नियंत्रण, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि मस्तिष्क स्वास्थ्य को भी हृदय स्वास्थ्य की तरह प्राथमिकता दें और किसी भी न्यूरोलॉजिकल लक्षण को हल्के में न लें।विश्व मस्तिष्क दिवस पर अस्पताल ने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, शुरुआती चेतावनी संकेतों को पहचानने तथा समय पर विशेषज्ञ परामर्श लेकर मस्तिष्क संबंधी बीमारियों से बचाव करने का आह्वान किया। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ मस्तिष्क ही स्वस्थ व्यक्ति और स्वस्थ समाज की आधारशिला है।

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