

Heat wave wreaks havoc in Uttarakhand, yellow alert issued after warning of strong winds in the mountainsइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)Uttarakhand Weather Update: मई के दूसरे सप्ताह से गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. न सिर्फ मैदान बल्कि पहाड़ों में भी लोग गर्मी से परेशान हो रहे हैं. जी हां उत्तराखंड के मैदानी हिस्सों में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. बीते तीन दिनों से तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे खासकर दोपहर के वक्त गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं. देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के मैदानी इलाकों में हालात और भी गंभीर हो गए हैं. गुरुवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री ज्यादा है. न्यूनतम तापमान भी 21.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.शुक्रवार को भी नहीं राहतमौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी तापमान में गिरावट की उम्मीद नहीं है. अनुमान है कि अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री तक रह सकता है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण विशेषकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग अधिक प्रभावित हो रहे हैं. विभाग ने दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी है.पहाड़ों में तेज हवाओं की चेतावनी, येलो अलर्ट जारीजहां गर्मी से परेशान लोग पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं, वहीं वहां भी मौसम ने करवट ली है. उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. इसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. हालांकि इन इलाकों में तापमान सामान्य और मौसम सुहावना बना रहेगा.तेज हवाओं से सतर्क रहने की सलाहतेज हवाओं के चलते पेड़ गिरने और अस्थायी निर्माण कार्यों को नुकसान पहुंचने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है.लू की आशंका, आने वाले सप्ताह में हीट वेव संभवविशेषज्ञों का मानना है कि साफ आसमान और पहाड़ियों से आ रही गर्म हवाओं के कारण मई की शुरुआत में राहत देने वाली हवाएं अब गर्म और असहज बनती जा रही हैं. यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले सप्ताह में उत्तराखंड के कई जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है.प्रशासन और नागरिकों को रहना होगा सतर्कराज्य में मौसम फिलहाल शुष्क बना रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है. ऐसे में प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाओं और जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ नागरिकों को जागरूक करने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है.
