Youth panting in Uttarakhand Police Recruitment Exam, unable to run 3 km in 10 minutes, why has stamina decreased?इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)देहरादून: उत्तराखंड के युवा जो अपनी दमदार फिटनेस और पुलिस या आर्मी में भर्ती होने के जुनून के लिए जाने जाते थे. लेकिन इस बार पुलिस भर्ती के फिजिकल टेस्ट में ये युवा पिछड़ रहे हैं. आखिर इसकी वजह क्या है? क्या खराब लाइफस्टाइल और खान-पान उनकी फिटनेस को प्रभावित कर रहा है? इस पर खास रिपोर्ट पढ़िए.10 मिनट में 3 किमी की दौड़ पूरी नहीं कर पा रहे युवा: बता दें कि वर्तमान में देहरादून पुलिस लाइन में चल रही पुलिस भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में रोजाना 500 युवा प्रतिभाग कर रहे हैं. एक हफ्ते में करीब साढ़े 3 हजार युवा शारीरिक दक्षता परीक्षा में प्रतिभाग कर चुके हैं. चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से कोई भी 10 मिनट यानी उत्कृष्ट श्रेणी में 3 किलोमीटर की दौड़ पूरी नहीं कर पा रहा है.दौड़ में युवाओं की हालत हो रही खराबमुफीद मौसम में भी हांफ रहे युवा: ज्यादातर युवा यह दौड़ 14 से 18 मिनट में पूरी कर रहे हैं. जबकि, इस समय देहरादून में न तो ज्यादा गर्मी है और न ही ज्यादा सर्दी है. बावजूद इसके युवाओं के दौड़ में हांफने से पुलिस अधिकारी भी चिंतित हैं. पुलिस भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट चल रहा है, लेकिन परिणाम चौंकाने वाले हैं.100 में से 10 युवा ही फिजिकल टेस्ट में आ रहे एक्सीलेंट: यहां के युवा, जो कभी अपने दमखम और स्टैमिना के लिए जाने जाते थे, वो इस बार के टेस्ट में फिसड्डी साबित हो रहे हैं. 100 में से केवल 10 युवा ही फिजिकल टेस्ट में एक्सीलेंट आ रहे हैं. जबकि, भर्ती के दौरान पुलिस अधिकारी और कर्मचारी इन युवाओं को पूरी जानकारी एवं ट्रेनिंग भी दे रहे हैं, फिर भी ये उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं.दौड़ में हांफ रहे युवाफिटनेस से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर समय बिता रहे युवा: विशेषज्ञों की मानें तो आजकल के युवा फिटनेस से ज्यादा मोबाइल स्क्रीन पर समय बिता रहे हैं. उत्तराखंड के युवा आज भी भर्ती में जाने का सपना देखते हैं, लेकिन पहले जैसी मेहनत नहीं कर रहे हैं. जिसके चलते युवा दौड़ या फिजिकल में पिछड़ते नजर आ रहे हैं.पुलिस भर्ती में दमखम दिखाते अभ्यर्थीजंक फूड की बढ़ती आदत और एक्सरसाइज की कमी उनके शारीरिक प्रदर्शन को प्रभावित कर रही है. पहले पहाड़ों की आबोहवा अच्छी थी, लेकिन अब पहाड़ों पर भी पॉल्यूशन बढ़ रहा है. पहले खाना पेस्टिसाइड फ्री होता था, लेकिन अब खाने में मिलावट आने लगी है. युवा फास्ट और जंक फूड पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं. जिसकी वजह से युवाओं में फैट बढ़ रहा है. जिससे उनका स्टेमिना कम होता जा रहा है. – अविनाश खन्ना, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, देहरादूनदेहरादून एसएसपी अजय सिंह क्या बोले? वहीं, देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने भी इस पर चिंता जाहिर की है. पुलिस लाइन में 3 मार्च से पुलिस भर्ती परीक्षा शुरू हो चुकी है. जो आगामी 21 मार्च तक चलेगी. इसमें करीब 7 हजार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं.रोजाना 400 से 500 के करीब शारीरिक परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) दे रहे हैं. उनका कहना है कि ज्यादातर अभ्यर्थी रिटर्न की तैयारी पर ज्यादा फोकस करते हैं और शारीरिक परीक्षा पर कम फोकस करते हैं, ये भी एक कारण हो सकता है.विशेषज्ञों ने बताई ये वजहओलंपियन और भारतीय लॉन्ग रेस टीम के राष्ट्रीय कोच सुरेंद्र भंडारी ने युवाओं की गिरती फिटनेस पर कुछ बातें कही हैं.सेना की भर्ती में 1600 मीटर की दौड़ 5 मिनट के करीब पूरी करनी होती है. ज्यादातर युवा इसी की तैयारी करते हैं. पुलिस भर्ती में उन्हें 3 किलोमीटर दौड़ना पड़ रहा है तो वो तय समय में दौड़ पूरी नहीं कर पा रहे होंगे. इसके साथ ही युवा तैयारी में कमी के साथ भर्ती प्रक्रिया में आ रहे होंगे. -सुरेंद्र सिंह भंडारी, ओलंपियन और एथलेटिक्स कोच, भारतीय टीमगौर हो कि सुरेंद्र सिंह भंडारी इंटरनेशल एथलीट रहे हैं. वो 2008 के बीजिंग ओलंपिक में 10 हजार मीटर की दौड़ में दौड़े थे. उनके नाम काफी समय तक 3 हजार और 10 मीटर दौड़ का नेशनल रिकॉर्ड रहा है. इस समय वो भारत के लॉन्ग डिस्टेंस रनर के नेशनल कोच हैं और बेंगलुरु के साईं सेटर में धावकों को कोचिंग देते हैं.पुलिस भर्ती की फिजिकल टेस्ट में पहुंचे अभ्यर्थीबता दें कि उत्तराखंड में 28 जनवरी से 14 फरवरी तक 38वें नेशनल गेम्स हुए थे. इसमें उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने अपने इतिहास का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था. पहली बार उत्तराखंड ने पदक तालिक में 100 का आंकड़ा पार किया था. उत्तराखंड ने नेशनल गेम्स में 102 मेडल जीते थे. मॉडर्न पेंटाथलॉन में दो एथलीट्स सक्षम सिंह और ममता खाती ने एक ही दिन में 3-3 गोल्ड मेडल जीतकर गोल्डन हैट्रिक लगाई थी.अंकिता ध्यानी ने एथलेटिक्स में पहले 3000 मीटर स्टीपलचेज इवेंट में गोल्ड जीता. उसके बाद 5000 मीटर दौड़ में भी अंकिता गोल्ड लेकर आईं थीं. ऐसे दमखम वाले उत्तराखंड के युवाओं की तुलना में पुलिस भर्ती के फिजिकल में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन निराश कर रहा है.युवाओं की गिरती फिटनेस चिंताजनक: उत्तराखंड के युवाओं की गिरती फिटनेस कहीं उनके भविष्य के सपनों को न तोड़ दे. अगर उन्हें पुलिस या आर्मी में भर्ती होना है तो फिटनेस, खान-पान और नियमित ट्रेनिंग पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. वरना वो दिन दूर नहीं जब यह राज्य, जो अपनी फिटनेस के लिए जाना जाता था, वो पिछड़ जाएगा.
उत्तराखंड पुलिस भर्ती परीक्षा में हांफ रहे युवा, 10 मिनट में 3 किमी नहीं दौड़ पा रहे, क्यों घटा स्टेमिना? – Uttarakhand
