
घन्ना भै- हसांदा-हसांदा- तुम हमथैं- रुलै गेवा नि आंणु पल्टिक- ढुंगु सि- चुलै गेवा।।उत्तराखण्डी हास्य जगत का सिरमौर,बतावा न-जल्दि-जल्दिम- किलै गेवा।।
न खोज- न खबर- न कुछ अता-पता,
भ्रमजाऴम सब्यूं डाऴि-सर् कनै गेवा।।
दिला धीरज-डोऴणूं रै-ब्याऴि दिनभर,
सबकु रूंणी कै- अफ भग्यान ह्वे गेवा।।
कन हसांदा छा-अप्ण भोला अंदाजम,
घन्ना भै-एमबीबीएस फिल्म-दिखै गेवा।।
हर जगा- बढ़ि-चढ़िक- अभिनय करि,
घन्ना -गिरगिट अर यमराज-दिखै गेवा।।
‘दीन’ जुगम जल्मद घन्ना भै जनु मन्खि,
वी यमराज-लीग प्राण- अमर ह्वे गेवा।।
दीनदयाल बन्दूणी ‘दीन’ जोगीमढ़ी, बटि..
