

देहरादून ; देहरादून में मानदेय वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया। गांधी पार्क से निकले जुलूस को हाथीबड़कला चौक के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहीं कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।
इसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंगनबाड़ी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी और सुशीला खत्री ने कहा कि शासन और निदेशालय स्तर पर कई दौर की वार्ता के बावजूद मानदेय वृद्धि का शासनादेश जारी नहीं हुआ है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उन्हें बिना पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सेवानिवृत्ति लाभ के सेवा से पृथक कर दिया जाता है। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष विमला कोहली, प्रदेश महामंत्री ममता बादल के अलावा गीता चौहान, विजयलक्ष्मी, रितेश चौहान, दिनीता देवी, सोनी, पुष्पा सजवाण, रेखा रौथाण, मधु पुंडीर, तनु लांबा और रीना देवी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहीं। उधर, प्रतिनिधिमंडल की शासन स्तर पर वार्ता हुई। इसमें आश्वासन दिया गया कि नौ नवंबर को मुख्यमंत्री की ओर से इस संबंध में घोषणा की जाएगी।
दीपावली को काले दिवस के रूप में मनाने का ऐलानसंगठन ने स्पष्ट किया कि 23 अक्टूबर से प्रदेश भर की कार्यकर्ताओं ने पोषण ट्रैकर और बीएलओ सहित सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर रखा है। यदि जल्द ही मानदेय वृद्धि का शासनादेश जारी नहीं हुआ प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी की जाएगी और दीपावली को काले दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
प्रमुख मांगें
1. मानदेय में वृद्धि करते हुए 24,000 रुपए मासिक का शासनादेश तुरंत जारी किया जाए।
2. सेवानिवृत्ति पर 10 लाख एकमुश्त और नियमित मासिक पेंशन
3. समुचित पारिश्रमिक, संसाधन एवं नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था
4. उत्पीड़न एवं असम्मानजनक व्यवहार की रोकथाम
5. लंबित मांगों पर विचार-विमर्श के लिए उच्च स्तरीय वार्ता
आउटसोर्स कर्मचारियों ने मांगा समान वेतनसरकारी विभागों और निगमों में तैनात 11 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों ने उपनल की तरह समान वेतन की मांग उठाई है। इसे लेकर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे से वार्ता की। वार्ता में संयुक्त मोर्चा आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने समान वेतन, नियमितिकरण एवं समान सेवा नियमावली, सेवा सुरक्षा की मांग रखी। अवगत कराया गया कि राज्य में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या 11,267 है। करीब 309 कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया है। वार्ता के बाद सचिव मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को पत्र लेखकर आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगों पर नीतिगत निस्तारण करने का अनुरोध किया है। प्रतिनिधिमंडल में संघ के संरक्षक प्रवीन थपलियाल, मुकेश पाल, अध्यक्ष मंगलेश लखेड़ा, महामंत्री पान सिंह चिलवाल, कोषाध्यक्ष संजय कुमार आदि मौजूद रहे।



