

उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के निकट हेलीकॉप्टर दुर्घटना में शुक्रवार को पायलट समेत 6 लोगों की मौत हो गई। पायलट के अलावा जिन पांच लोगों ने जान गंवाई वे सभी दोस्त थे।
बेंगलुरु शहर के 44 वर्षीय पुलिस इंस्पेक्टर और उनके चार दोस्त बद्रीनाथ तीर्थयात्रा पर थे। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों के बाद हेलीकॉप्टर का एटीसी और आरटी संपर्क टूट गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पांचों बुधवार को उत्तराखंड पहुंचे थे और बद्रीनाथ से देहरादून के बीच हेलीकॉप्टर यात्रा में शामिल हुए थे।
मृतकों की पहचानमृतकों की पहचान अरुण सालुंके, एचएस नटराज (51), के सुधीर (39), शंकर गौड़ा (34) और बी प्रताप गौड़ा (41) के रूप में हुई है। पांचों दोस्त कर्नाटक के रहने वाले थे। वहीं मृतक पायलट की पहचान कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48) के रूप में हुई है।
अरुण सालुंके पेशे से पुलिस अधिकारी थे और कर्नाटक के बेलगावी जिले की अथानी तालुका के अरताल गांव के निवासी थे। वे सेंट्रल क्राइम ब्रांच के विशेष जांच दस्ते का हिस्सा थे। एचएस नटराज पेशे से बिजनेसमैन थे। बी प्रताप गौड़ा एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर थे। के सुधीर और शंकर गौड़ा पेशे से वकील थे।
रात 8 बजे घर पहुंचने का किया था वादाटाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, हादसे से कुछ देर पहले ही बी प्रताप गौड़ा ने अपनी पत्नी दीक्षिता से बात की थी। इस दौरान उन्होंने पत्नी से कहा था कि वे रात 8 बजे तक बेंगलुरु पहुंच जाएंगे। दीक्षिता के भाई प्रज्वल ने गौड़ा के साथ हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए बताया कि ‘उनके आखिरी शब्द यही थी कि वे फ्लाइट में बैठेंगे और शाम 7 या 8 बजे तक घर पहुंच जाएंगे।’
बता दें कि श्रद्धालुओं को लेकर लौट रहा ये हेलिकॉप्टर ट्रांस भारत एवियेशन प्राइवेट लिमिटेड का था। हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर को ज्योतिर्मठ के मारवाड़ी में हाथी पर्वत क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे का बाद के वीडियो और फोटो सामने आए हैं जिनमें हेलीकॉप्टर कई टुकड़ों में बिखरा नजर आया। हेलीकॉप्टर के कुछ हिस्से आग लगने के वजह से जली हालत में पड़े थे।
रेस्क्यू शनिवार को भी जारीहेलीकॉप्टर हादसे में छह लोगों के शव निकालने के लिए शनिवार को भी दुर्गम पहाड़ी पर रेस्क्यू जारी है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और कठिन रास्तों के चलते रेस्क्यू में देरी हो रही है। रेस्क्यू में लगी टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।



