हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में संचालित हो रहे मदरसों में बड़ा झोल सामने आया है. मदरसों में बच्चों की संख्या बढ़ी हुई दिखाकर सरकारी योजनाओं को लाभ दिया जा रहा है. हालांकि जब शासन-प्रशासन की तरफ से मामले की जांच की गई तो अचानक से मदरसों में पढ़ने वाले करीब 12 हजार बच्चे गायब हो गए.
इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की गिरावट के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. अब 31 हजार में से 19000 बच्चे मदरसों में पढ़ रहे हैं. छात्रों की संख्या में आई गिरावट के बाद डीएम ने जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता 4 सदस्यों की कमेटी बना दी है. कमेटी में एसडीएम के अलावा जिला शिक्षा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को शामिल किया है.
मदरसों से अचानक गायब हुए 12 हजार बच्चेदरअसल हाल ही में डीएम के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने लक्सर तहसील क्षेत्र में मदरसों की जांच की थी. जनपद में संचालित 131 मदरसों में से 23 मदरसों में अनियमितता पाए जाने पर उनके मिड डे मील और अन्य फंड पर रोक लगा दी गई थी. जांच के लपेटे में आने पर पूर्व में 10 मदरसा संचालकों ने अपने मदरसे बंद करने का आवेदन भी शिक्षा विभाग में दिया. क्योंकि इन मदरसों में छात्रों की संख्या बेहद कम थी और मिड डे मील का पूरा भुगतान लिया जा रहा था. अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही इन सभी मदरसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही आशंका है कि अचानक घटे 12 हज़ार छात्र इन्हीं मदरसों में से भी हो सकते हैं. जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक अमित कुमार चंद का कहना है कि सत्र बदलने पर हर साल छात्रों की संख्या में गिरावट देखी जाती है, जो जुलाई महीने में जाकर सामान्य होती है.
वाट्सअप ग्रुप बनाने के बाद पकड़ में आई धांधली: अप्रैल माह में हरिद्वार जनपद में मदरसों की जांच शुरू हुई. 18 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक अमित कुमार चंद ने रुड़की में मदरसा संचालकों की बैठक ली थी. मॉनिटरिंग के लिए उनके द्वारा वाट्सअप ग्रुप बनाया गया और रोजाना मिड डे मील बनाने से लेकर बच्चों के खाने तक की फोटो वीडियो अपलोड करने के निर्देश दिए गए. उसके बाद 11 मदरसों ने फोटो वीडियो अपलोड नहीं किए और खुद को जांच के दायरे में घिरता देख मदरसा संचालकों ने मिड डे मील बंद करने की एप्लीकेशन दे डाली.
12 हजार बच्चे अचानक गायब: पूर्व में जिले के 11 मदरसों में एमडीएम बंद करा दिया था. इन सभी मदरसों में करीब चार हजार बच्चे पढ़ रहे हैं. जांच को आगे बढ़ाया गया और अब 131 मदरसों की जांच की गई. जांच करने पर सभी मदरसों में करीब 12 हजार बच्चे अचानक से कम हो गए हैं.
एक आदमी के नाम पर तीन-तीन मदरसे: विभाग की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि सुल्तानपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति तीन मदरसे संचालित कर रहा था. साथ ही उन तीन मदरसों में उसने छह मदरसे दिखाए थे. अधिकारियों के मुताबिक तीन मदरसों को जूनियर और तीन को प्राइमरी के नाम पर संचालित किया जा रहा था. फिलहाल इन तीन मदरसों का एमडीएम (मिड डे मील) बंद है और प्रशासन की टीम जांच को आगे बढ़ाकर बड़ी कार्रवाई भी कर सकती है.
क्या बोले अधिकारी: डीएम के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक अमित कुमार चंद कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि 131 मदरसों की जांच की गई थी, जिसमें से 23 मदरसों में गड़बड़ी पाए जाने पर पीएम पोषण योजना पर रोक लगा दी गई थी.
23 में से 11 मदरसा संचालकों ने खुद ही मिड डे मील बंद करने का आवेदन किया था. जांच के बाद मार्च और अप्रैल के आंकड़ों में सभी मदरसों में दस से बारह हजार बच्चों की संख्या कम हो गई है. नए शैक्षिक सत्र में बच्चों की संख्या बढ़ भी सकती है. डीएम के निर्देश पर बनाई गई कमेटी आगे की जांच करेगी.
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