यमुनानगर : उतराखंड के देहरादून में 16 सितंबर की सुबह बादल फटने से अचानक नदी में पानी आ जाने से बड़ा हादसा हो गया था। जहां टोंस नदी में खनन का काम कर रहे एक ही परिवार के 13 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित बह गए थे। हादसे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब हादसे के 3 दिन बाद यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज के पास 2 शव फंसे मिले।
सूचना मिलते ही पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाला और पहचान के लिए यमुनानगर ट्रॉमा सेंटर की मोर्चरी में रखवाया। शुक्रवार सुबह एक शव की पहचान मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) निवासी राजकुमार के रूप में हुई, जो अपने परिवार के साथ खनन कार्य के लिए देहरादून आया हुआ था।
मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली करीब 15 मिनट तक नदी में फंसी रही और अचानक तेज बहाव में बह गई। जिसमें 2 लोग तो किसी तरह बच निकले, लेकिन 13 लोग लापता हो गए। पुलिस का मानना है कि बाकी शव भी हथिनीकुंड बैराज के पास से मिल सकते हैं। फिलहाल दूसरे शव की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।
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