उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2026 के लिए सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में व्यापक रणनीति तैयार कर ली है। राज्य सरकार का फोकस सहकारिता को किसानों, श्रमिकों, काश्तकारों, कारीगरों और युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बनाने पर है। इसके लिए बहुआयामी कार्ययोजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

 
सरकार की योजना के तहत वर्ष 2026 में ग्रामसभा स्तर पर नई सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा, जिससे समाज के हर वर्ग को सहकारिता से जोड़ा जा सके। सहकारी ढांचे के विस्तार के जरिए किसानों, स्वयं सहायता समूहों, श्रमिकों और छोटे उद्यमियों को बेहतर बाजार और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
 
तीन महीने में 177 पदों पर भर्ती की तैयारी
 
सहकारिता विभाग ने राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों में रिक्त पदों को भरने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। अगले तीन महीनों के भीतर वर्ग 1, वर्ग 2 और वर्ग 3 के कुल 177 पदों पर आईबीपीएस के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके अलावा पैक्स सचिवों की नियुक्ति के लिए कैडर नियमावली में संशोधन किया जा रहा है, जिसके तहत 350 सचिवों की नियुक्ति लिखित परीक्षा के आधार पर की जाएगी।
 
राज्य सहकारिता नीति होगी तैयार
 
राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 की तर्ज पर उत्तराखंड के लिए अलग राज्य सहकारिता नीति तैयार की जाएगी। इस नीति के जरिए सहकारी समितियों को अधिक स्वायत्तता, पारदर्शिता और सरल प्रक्रियाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही सहकारी समिति अधिनियम 2003 और नियमावली 2004 में आवश्यक संशोधन कर समितियों को और अधिक सक्षम बनाया जाएगा।
 
उत्तराखंड में बनेगी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट
 
सहकारिता के क्षेत्र में युवाओं को करियर और शोध के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के तहत उत्तराखंड में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) की स्थापना की जाएगी। इससे सहकारिता की पहुंच आम जनता तक बढ़ाने में मदद मिलेगी।
 
महिला नेतृत्व को मिली मजबूती
 
साल 2025 में सहकारिता विभाग के अंतर्गत 668 सहकारी समितियों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। इनमें से 280 से अधिक समितियों में महिलाएं अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई हैं। वर्ष 2026 में केंद्रीय और शीर्ष सहकारी समितियों में भी निर्वाचन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
 
छोटे कारोबारियों को मिलेगा सहकारी बैंकिंग का लाभ
 
सरकार रेहड़ी-ठेली व्यवसायियों, दैनिक मजदूरों और छोटे स्वरोजगारियों को सहकारी बैंकिंग से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है। इनके लिए नए वित्तीय उत्पाद विकसित किए जाएंगे और सहकारी बैंकों व समितियों के माध्यम से आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
 
मंत्री का बयान
 
सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सहकारिता को आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और समावेशी विकास का मजबूत आधार बनाना है। इसके लिए ठोस रणनीति और प्रभावी कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

Sapna Rani

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