

इस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sandeep Chaudhary (see all)देहरादून। Dhami Cabinet Meeting Decision: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आज सचिवालय में संपन्न हो गई है। बैठक में 11 प्रस्ताव पर मोहर लगाई गई है।कैबिनेट ने उत्तराखंड की पहली योग नीति और कर्मचारियों, पेंशनरों व उनके आश्रितों को गोल्डन कार्ड पर कैशलेस इलाज के लिए नई व्यवस्था को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले:उत्तराखंड को मिली अपनी पहली योग नीति –राज्य को योग की अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम — पहली बार उत्तराखंड की ‘योग नीति’ को मंजूरी मिल गई है।🔹 प्रदेश में पांच नए योग हब विकसित किए जाएंगे।🔹 पर्वतीय क्षेत्रों में 50% और *मैदानी क्षेत्रों में 25% तक सब्सिडी।🔹 योग शिक्षकों को 250 रुपये की प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी।स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति: गोल्डन कार्ड पर कैशलेस इलाज की नई व्यवस्था –अब प्रदेश के कर्मचारी, पेंशनर्स और उनके आश्रित गोल्डन कार्ड के जरिए पूरी तरह कैशलेस इलाज का लाभ ले सकेंगे।सरकार इसके लिए 75 करोड़ रुपये का ऋण देगी जिससे अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा। जल्द ही इसके लिए नीति भी लाई जाएगी।प्रोक्योरमेंट नियमावली में ऐतिहासिक संशोधन –राज्य सरकार ने स्थानीय लोगों को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली 2017 में संशोधन कर दिया है।🔹 अब स्थानीय ठेकेदारों को 10 करोड़ तक के ठेके दिए जा सकेंगे (पहले सीमा 5 करोड़ थी)।🔹 ई और डी श्रेणी के ठेकेदारों की सीमा बढ़ी।🔹 स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक के कार्य दिए जा सकेंगे।🔹 MSME इकाइयों को टेंडर में 10% तक का वरीयता लाभ मिलेगा।🔹 ई-टेंडरिंग को और पारदर्शी बनाने की दिशा में EBG (Electronic Bank Guarantee) की व्यवस्था शुरू होगी।उद्योगों के लिए मेगा पॉलिसी — निवेश का नया दौर –उत्तराखंड मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2025 को मंजूरी मिल गई है, जो अगले पांच साल तक प्रभावी रहेगी।उद्योगों को चार श्रेणियों में बांटा गया है –कैटेगरी निवेश सीमा न्यूनतम स्थायी रोजगार सब्सिडीलार्ज ₹50–200 करोड़ 50 10%अल्ट्रा लार्ज ₹200–500 करोड़ 150 15%मेगा ₹500–1000 करोड़ 300 –अल्ट्रा मेगा ₹1000 करोड़+ 500+ –नियामक निर्णय और अन्य मंजूरी –मिथाइल अल्कोहल को उत्तराखंड विष कब्जा एवं विक्रय नियमावली में शामिल किया गया।राजकीय लेखा संवर्ग नियमावली में संशोधन।बाल सुरक्षा संगठन की रिपोर्ट को सदन में रखने की मंजूरी।उत्तराखंड सेवा क्षेत्र नीति 2024 को स्वीकृति — जहां पहले से सेवा क्षेत्र के संस्थान हैं वहां सब्सिडी नहीं मिलेगी।चाय विकास बोर्ड में 11 नए पदों का सृजन।तीमारदारों के लिए राहत योजना –देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में मरीजों के परिजनों के रहने-खाने की व्यवस्था एम्स ऋषिकेश मॉडल पर होगी। सरकार जमीन भी उपलब्ध कराएगी और यह सुविधा सस्ती दरों पर दी जाएगी। कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है — उत्तराखंड सरकार बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, उद्योग और योग जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। यह न केवल विकास का रोडमैप है, बल्कि स्थानीय लोगों को सीधे लाभ देने वाली नीति भी।
