चमोली। चमोली जिले की ग्राम सभाओं में शराबबंदी को लेकर बैठकों का दौर भले ही लगातार चलता रहता हो, लेकिन शादी समारोह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में लिए गए निर्णयों को जमीन पर उतारने के उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में दशोली विकासखंड के पगना गांव ने शराबबंदी को लेकर एक मजबूत और अनुकरणीय पहल कर मिसाल पेश की है।
गांव में एक शादी समारोह के दौरान कुछ लोगों के शराब पीने की सूचना मिली। जांच करने पर पता चला कि गांव के पास ही छानियों में कच्ची शराब की भट्टी लगाकर शराब बनाई और परोसी जा रही थी। यह जानकारी मिलते ही गांव के नवयुवक सक्रिय हो गए।
युवकों ने तोड़ी शराब की भट्टी
गांव के युवकों ने संबंधित घर और स्थान पर पहुंचकर शराब बनाने की भट्टी को तोड़ दिया और मौके पर मौजूद लाहन के कनस्तर व कच्ची शराब को नष्ट कर दिया। साथ ही शराब बनाने में संलिप्त ग्रामीणों को कड़ी चेतावनी दी गई और भविष्य में ऐसी गतिविधियों की प्रशासन से शिकायत करने की बात कही गई।
पलायन मुक्त गांव, सामाजिक एकजुटता की मिसाल
करीब 1200 से अधिक आबादी वाले पगना गांव की खास बात यह है कि यह गांव आज भी पलायन की मार से काफी हद तक बचा हुआ है। नगदी फसलों जैसे राजमा, चौलाई और आलू की खेती से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है, जिससे लोग अपने गांव से जुड़े हुए हैं।
शराबबंदी के साथ जुर्माने का नियम
इस वर्ष के शुरुआती सप्ताह में गांव की ग्राम सभा ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था। इसके साथ ही शराब सेवन या परोसने पर जुर्माने का नियम भी बनाया गया। इस फैसले को महिला मंगल दल और युवक मंगल दल ने पूरी तरह समर्थन दिया।
बाहर से शराब लाने पर सख्ती
ग्रामीणों ने बताया कि बाहर से गांव में शराब लाने पर पहले से ही चौकसी रखी जाती है। इसी वजह से कुछ लोग गांव के पास ही भट्टी लगाकर कच्ची शराब बना रहे थे, जिससे शराबी मदहोश हो रहे थे।
युवाओं की सक्रिय भूमिका
इस कार्रवाई में प्रकाश, संतोष, मोहन, जसपाल सहित कई युवक शामिल रहे। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की पहल से गांव में सामाजिक अनुशासन मजबूत होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए सकारात्मक संदेश जाएगा।
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