
बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई में दिल्ली पहुंचे माता-पिता, राष्ट्रपति से लगाई गुहार
नई दिल्ली/देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर न्याय की मांग तेज हो गई है। अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक उस व्यक्ति की नियुक्ति पर रोक लगाई जाए, जिसका नाम कथित तौर पर इस प्रकरण से जुड़े वीआईपी विवाद में सामने आता रहा है।
‘नियुक्ति की खबर से लगा धक्का’
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि कथित वीआईपी की नियुक्ति की खबर से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित नियुक्ति पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
वहीं, अंकिता की मां सोनी देवी ने इस घटनाक्रम पर दुख जताते हुए कहा कि इससे उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। परिवार का कहना है कि बेटी को न्याय मिलने और मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
CBI जांच से VIP की भूमिका पर जवाब मिलने की उम्मीद
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। अब अंकिता के माता-पिता की मांग है कि जांच पूरी होने तक कथित वीआईपी से जुड़ी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए, ताकि न्याय की प्रक्रिया को लेकर उठ रही आशंकाओं का समाधान हो सके।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट निवासी अंकिता भंडारी वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। निचली अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठे सवालों ने इसे लगातार चर्चा में बनाए रखा है। अब अंकिता के माता-पिता सीबीआई जांच पूरी होने और न्याय से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब मिलने की मांग कर रहे हैं।
अंकिता के माता-पिता की मांग साफ है—जांच पूरी हो, सवालों के जवाब मिलें और न्याय की प्रक्रिया पर भरोसा कायम रहे।
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