देहरादून , ग्राफिक एरा में विशेषज्ञों ने कहा कि ऑटोमेशन और कंप्यूटेशन का बढ़ता तालमेल न केवल काम करने के पारंपरिक तरीकों को बदल रहा है बल्कि भविष्य की तकनीकों के विकास के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आज से ऑटोमेशन और कंप्यूटेशन पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ऑटो-कॉम 2026’ शुरू हो गया है। सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि आईआईटी मंडी के डायरेक्टर प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा ज्ञान और विज्ञान का ऐसा विशाल भंडार है, जिसकी संभावनाएं असीमित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को केवल अतीत की धरोहर मानने के बजाए आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर भविष्य की खोजों का आधार बनाना चाहिए। आईआरडीई (डीआरडीओ) के वैज्ञानिक डा. सुधीर खरे और एनआईटी, कर्नाटक के प्रोफेसर डा. शशिधर जी. कोलगुडी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। ऑटो-कॉम में आयोजित विभिन्न तकनीकी सत्रों में 150 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने किया। सम्मेलन में यूनिवर्सिटी की कुलसचिव डा. ज्योति छाबड़ा के साथ कन्वीनर डा. विक्रांत शर्मा और डा. अमित गुप्ता, पुरुषोत्तम दास अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।



