

लखनऊ: यूपी में सीएनजी के दाम वाहन चालकों को टेंशन में डाल सकते हैं. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अब सीएनजी वाहन चालकों की जेब पर भी अधिक बोझ पड़ने वाला है. ग्रीन गैस लिमिटेड (GGL) ने प्रदेश के पांच शहरों में सीएनजी की खुदरा कीमतों में संशोधन किया है. कीमत बढ़ने का असर निजी कार चलाने वालों के साथ-साथ टैक्सी और ऑटो चालकों पर भी पड़ेगा.
कंपनी की ओर से जारी नई दरों के मुताबिक, राजधानी लखनऊ में सीएनजी की कीमत एक रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाई गई है. अब यहां वाहन चालकों को एक किलो सीएनजी के लिए 108 रुपये खर्च करने होंगे. इससे पहले इसकी कीमत 107 रुपये प्रति किलोग्राम थी। आगरा में भी सीएनजी के दाम इसी अनुपात में बढ़ाए गए हैं.
उन्नाव में सबसे ज्यादा महंगी हुई सीएनजीइस बार सीएनजी की कीमतों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी उन्नाव जिले में देखने को मिली है. यहां एक किलोग्राम सीएनजी के दाम में 2.25 रुपये का इजाफा किया गया है. पहले उन्नाव में सीएनजी 103.75 रुपये प्रति किलो मिल रही थी, लेकिन नई दर लागू होने के बाद इसकी कीमत 106 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है. वहीं अयोध्या और सुलतानपुर में भी सीएनजी के दाम एक रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए हैं. इन दोनों शहरों में पहले 105 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से सीएनजी मिल रही थी. अब इसके लिए उपभोक्ताओं को 106 रुपये देने होंगे.
शहर पुरानी कीमत नई कीमतलखनऊ 107 रुपये 108 रुपयेआगरा 107 रुपये 108 रुपयेउन्नाव 103.75 रुपये 106 रुपयेअयोध्या 105 रुपये 106 रुपयेसुलतानपुर 105 रुपये 106 रुपये
सभी कीमतें रुपये प्रति किलोग्राम में हैं.
क्यों बढ़ाए गए सीएनजी के दाम?सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे गैस की खरीद लागत में इजाफा होना बताया गया है. ग्रीन गैस लिमिटेड के डीजीएम मार्केटिंग प्रवीण सिंह के अनुसार, सर्दियों के मौसम में गैस की मांग बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितताओं का असर रीगैसीफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस (RLNG) की खरीद लागत पर पड़ा है.
कंपनी को गैस की खरीद पहले के मुकाबले अधिक कीमत पर करनी पड़ रही है. इसी वजह से सीएनजी की खुदरा कीमतों में संशोधन का फैसला लिया गया है. सर्दियों में मांग बढ़ने के साथ वैश्विक आपूर्ति से जुड़ी परिस्थितियां भी गैस की कीमतों को प्रभावित कर रही हैं.
ऑटो और टैक्सी चालकों की बढ़ेगी परेशानीसीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो रोजाना अपने कामकाज और कारोबार के लिए सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं. खासकर ऑटो रिक्शा, टैक्सी और अन्य व्यावसायिक वाहन चलाने वालों का रोजाना का ईंधन खर्च बढ़ जाएगा. निजी कार से सफर करने वाले लोगों को भी अब हर बार सीएनजी भरवाने के लिए पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे.



