उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी तहसील से एक दर्दनाक घटना की सूचना मिली है, जहां एक प्रतिभाशाली युवक ने अपनी जीवन यात्रा समाप्त कर ली। जानकारी के अनुसार, इस युवक ने पहले उत्तराखंड बोर्ड की बारहवीं कक्षा की योग्यता सूची में स्थान प्राप्त किया था। हल्द्वानी निवासी 22 वर्षीय सचिन पलड़िया ने रहस्यमय हालात में गले में फंदा डालकर खुदकुशी कर ली। इस होनहार व्यक्ति की अचानक मौत ने न सिर्फ उनके परिवार को, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहन सदमे में डाल दिया है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।
प्राप्त विवरणों से पता चलता है कि नैनीताल जिले के भीमताल इलाके के छोटा कैलास (पिन्नौरा ट्यूना गांव) के मूल निवासी सचिन पलड़िया, हरिश्चंद्र पलड़िया के पुत्र, वर्तमान में हल्द्वानी के छड़ायल इलाके में अपने चाचा के साथ रहते थे। यहीं से उन्होंने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की थी। वर्ष 2021 में बारहवीं परीक्षा में उन्होंने राज्य स्तरीय योग्यता सूची में 23वां स्थान प्राप्त कर परिवार और इलाके का सम्मान बढ़ाया था। माध्यमिक स्तर पर उनके 93.6 प्रतिशत अंक थे।
बारहवीं के बाद सचिन ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक पूरा किया। शिक्षा के साथ-साथ उनमें राष्ट्र सेवा की गहरी इच्छा थी। इसी लक्ष्य से वे पिछले दो-तीन सालों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए थे। उन्होंने सीडीएस की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण की और साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। परिवार के सदस्यों के अनुसार, इस विफलता के बाद वे कुछ समय से मनोवैज्ञानिक तनाव में थे।
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में जब घर के लोग कुछ समय के लिए बाहर गए थे, तब सचिन ने अपने कक्ष में छत के पंखे से रस्सी बांधकर जीवन त्याग दिया। काफी समय तक दरवाजा न खुलने पर परिवार को संदेह हुआ। दरवाजा खोलकर अंदर जाने पर वे स्तब्ध रह गए, क्योंकि सचिन फंदे पर लटके हुए थे। परिजन उन्हें तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जरूरी कानूनी कार्रवाई की। शव परीक्षण के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि परिवार से बातचीत की गई है और घटना के हर पक्ष की सावधानीपूर्वक पड़ताल की जा रही है। घर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को भी जांच में शामिल किया गया है। अभी तक खुदकुशी के कारणों से जुड़ा कोई पत्र नहीं मिला है। बताया जाता है कि सचिन अपने माता-पिता के एकमात्र पुत्र थे। उनकी अप्रत्याशित मौत से परिवार पर विपत्ति का बोझ आ गया है। शव परीक्षण केंद्र और निवास पर शोकाकुल रिश्तेदारों और जानकारों की भीड़ लगी रही। इलाके में हर कोई इस प्रतिभावान और शांतिप्रिय युवक के ऐसे चले जाने से हैरान है।
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