देहरादून नगर निगम में आउटसोर्स सिस्टम की सख्त छंटनी: मूल्यांकन के बाद 56 कर्मचारियों पर गिरी गाज – पर्वतजन

देहरादून नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। कार्य निष्पादन की समीक्षा के बाद नगर निगम प्रशासन ने 56 आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय से चल रही अनियमितताओं और गैर-जरूरी तैनातियों के सामने आने के बाद लिया गया है।
वर्तमान में नगर निगम में कुल 363 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें लगभग 140 कर्मचारी सफाई कार्यों से जुड़े हुए हैं, जबकि शेष डाटा एंट्री ऑपरेटर और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर तैनात हैं। समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी सेवाओं की वास्तविक आवश्यकता नहीं है, वहीं कुछ कर्मचारी नगर निगम के कार्यों के बजाय अन्य संस्थानों और स्थानों पर कार्यरत पाए गए।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की तैनाती में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि एक कर्मचारी शासन स्तर पर नियुक्त अधिकारी के आवास पर, एक पूर्व नगर आयुक्त के आवास पर, सात कर्मचारी शहरी विकास निदेशालय में और एक कर्मचारी राजनीतिक दल के कार्यालय में सेवाएं दे रहा था। इसके अलावा लोक निर्माण अनुभाग से 12, भूमि अनुभाग से आठ, रिकॉर्ड अनुभाग से दो, फ्यूल स्टोर से तीन, जोनल कार्यालय से पांच, विधि अनुभाग से दो, स्वास्थ्य अनुभाग से दो, कर अनुभाग से चार, वर्कशॉप से चार और अन्य विभिन्न स्थानों से 11 कर्मचारियों को हटाने की सूची तैयार की गई है।

गौर करने वाली बात यह है कि नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों की आपूर्ति आरके एसोसिएट्स नामक कंपनी के माध्यम से की जाती है। इन कर्मचारियों को प्रतिमाह न्यूनतम 12 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 20 हजार रुपये तक का वेतन दिया जाता है। नगर निगम हर महीने लगभग 800 कर्मचारियों के वेतन पर करीब 85 लाख रुपये का व्यय कर रहा है।
यह पहला मौका नहीं है जब आउटसोर्स कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी की गई हो। करीब डेढ़ वर्ष पहले भी 90 से अधिक कर्मचारियों को हटाने की योजना बनी थी, लेकिन उस समय राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी।
दूसरी ओर, नगर निगम के कई अहम विभागों में नियमित पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। लोक निर्माण अनुभाग में अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता जैसे पद खाली हैं। भूमि अनुभाग में पटवारी की कमी है। स्वास्थ्य विभाग में ढांचे के अनुरूप सफाई निरीक्षक पर्याप्त नहीं हैं, जबकि कर अनुभाग में टैक्स इंस्पेक्टरों की भारी कमी बनी हुई है।
नगर आयुक्त नमामि बंसल के अनुसार, पिछले एक वर्ष में नगर निगम द्वारा शहर में कई नए पार्कों का निर्माण किया गया है, जिनके रखरखाव के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की वास्तविक मांग का आकलन किया गया है। इसके आधार पर आउटसोर्स एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि आवश्यकता के अनुसार नई भर्ती की जाए और जिन अनुभागों में स्टाफ की जरूरत नहीं है, वहां से कर्मचारियों को हटाया जाए।
नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि निगम के सभी अनुभागों से कर्मचारियों की सूची और उपयोगिता को लेकर रिपोर्ट मंगाई गई है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का सही और पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

Sapna Rani

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