बारिश रुकते ही फिर बढ़ने लगी टेंशन, जलने लगे हैं फिर उत्तराखंड के जंगल – myuttarakhandnews.com

As soon as the rain stopped, tension started increasing again, the forests of Uttarakhand started burning again.

Latest posts by Sapna Rani (see all)अल्मोड़ा: बारिश बंद होते ही एक बार फिर जंगल धधकने लगे हैं। बाड़ेछीना में नाप भूमि के जंगल में शनिवार रात और रविवार दोपहर एक के बाद एक दो वनाग्नि की घट गईं। नाप भूमि ही सही, बारिश के एक दिन बाद ही जंगल में आग लगने से वन विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। बीते दिनों हुई बारिश से उम्मीद थी कि आने वाले हफ्ता दस दिन वनाग्नि की घटनाओं से निजात मिलेगी। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह भी अच्छी बारिश हुई। बारिश होने से वन विभाग के साथ लोगों ने भी राहत की सांस ली थी, लेकिन राहत एक दिन में ही आफत में बदल गई।शनिवार रात बाड़ेछीना में निजी वन भूमि का जंगल आग से धधक गया। आवाजाही करने वालों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। रात में ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिग्रेड ने आग पर काबू पाया। दूसरी घटना रविवार दोपहर में घटी। इस बार भी आग नाप भूमि के जंगल में धधकी। सूचना पर इस बार वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। नाप भूमि स्वामी से आग लगने के संबंध में पूछताछ भी की गई। सामने आया है कि सड़क किनारे का जंगल होने से आराजकतत्वों ने नाप भूमि के जंगल को आग के हवाले कर दिया। फायर सर्विस की टीम में एफएस उमेश चंद्र सिंह, बबीता, सरोज, चांदनी, पूजा शामिल रहीं।पातालदेवी के जंगल में धधकी आगअल्मोड़ा। बारिश थमते ही जंगलों में वनाग्नि सामने आने लगी है। रविवार दिन में पातालदेवी से सटे जंगल में अचानक आग धधक उठी। देखते ही देखते आग ने जंगल के एक बड़े हिस्से को अपने चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंची फायर सर्विस टीम ने होजरील की मदद से आग पर किसी तरह नियंत्रण किया। यहां फायर कर्मी उमेश सिंह भावना, नीरू, रंजना, स्वाती, इंदु, प्रियंका राणा रहे।बाड़ेछीना में नाप भूमि के जंगल में आग लगी थी, जिसे बुझा लिया गया है। भूमि स्वामी से पूछताछ की गई है। सामने आया है कि अराजकतत्वों की ओर से जंगल में आग लगाई गई थी। अज्ञात की पहचान कराई जा रही है।मोहन राम, वन क्षेत्राधिकारी अल्मोड़ा।

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