चंपावत। सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक शासन की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई पहल की है। इस कड़ी में रविवार को नेपाल सीमा से सटे चंपावत जिले के बनवसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई धामी कैबिनेट की बैठक में युवाओं के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने के साथ ही कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
बैठक में उच्च शिक्षा के छात्रों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 संचालित करने का निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से शासकीय व निजी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.19 लाख छात्रों को कौशल संवर्द्धन के जरिये रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
कैबिनेट ने राज्य कर्मचारियों की आचरण (संशोधन) नियमावली को भी मंजूरी दी। इसमें प्रविधान किया गया है कि समूह क, ख, ग व घ के कर्मचारियों को अब आयकर विवरणी दाखिल करते समय उसमें संपत्ति का ब्योरा भी अनिवार्य रूप से देना होगा।
कर्मचारियों को यह भी राहत दी गई है कि उनके लिए खरीद सीमा केंद्र के समान दो माह के वेतन के बराबर कर दी गई है। मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में पहली बार हुई कैबिनेट की बैठक में 24 विषय रखे गए थे, जिन पर चर्चा के बाद निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्द्धन योजना लागू करने का निर्णय लेकर सरकार ने युवाओं को साधने का प्रयास किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की अवधारणा पर आधारित इस योजना में डिजिटल साक्षरता और तकनीकी कौशल को पाठ्यक्रम की क्रेडिट संरचना में शामिल किया जाएगा। योजना में पांच वर्ष में 200 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
दो माह के वेतन से अधिक खरीद को लेनी होगी अनुमति
कर्मचारियों की संशोधित आचरण नियमावली में प्रविधान किया गया है कि समूह क, ख, ग व घ के कार्मिक यदि सरकार से लेनदेन करने वाली किसी संस्था से संपत्ति खरीदते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी भी शासन को देनी होगी। दो माह के वेतन के बराबर से अधिक की खरीद को उन्हें शासन से अनुमति लेनी होगी। समूह क, ख व ग के कार्मिक हर साल आयकर विवरणी में अपनी सपंत्ति का ब्योरा देंगे, जबकि समूह घ को पांच साल में एक बार।
गलत पैन पर नहीं होगी रजिस्ट्री
संपत्ति की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाने और आयकर चोरी पर अंकुश के लिए मंत्रिमंडल ने अहम फैसला लिया है। अब दस लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति की रजिस्ट्री में क्रेता-विक्रेता, दोनों के पैन नंबर का सत्यापन अनिवार्य होगा। रजिस्ट्री के दौरान पैन नंबर दर्ज करते ही साफ्टवेयर उसका स्वत: सत्यापन करेगा। पैन गलत या अमान्य पाए जाने पर रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
PIONEER EDGE NEWS SERVICE/ Dehradun The third session of Uttarakhand Vidhan Sabha for the year…
देहरादून। सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम और अन्य प्रमुख हस्तियों के खिलाफ सोशल मीडिया…
देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र के सेवला खुर्द में सड़क किनारे मिले अज्ञात युवक के शव के…
हरिद्वार में यात्री सुरक्षा को लेकर सख्ती, फिटनेस से लेकर परमिट तक की जांच; नियम…
लोगों को जल्द सिरोबगड़ में भूस्खलन और बार-बार लगने वाले जाम की समस्या से निजात…
हल्द्वानी, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अमृतपुर बायपास निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया। नैनीताल…