बड़ी खबर: पौड़ी के चार अशासकीय विद्यालयों की होगी सीबीसीआईडी जांच। उप सचिव विभूति पर लटकी तलवार – पर्वतजन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जिले के चार अशासकीय स्कूलों में अनियमितताओं की सीबीसीआईडी जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा उप सचिव विभूूति रंजन पर अधिकारियों को भ्रमित कर मामले की एसआईटी जांच के बजाय समिति गठित करने के मामले में कार्रवाई की जांच के भी आदेश दिए गए हैं। फिलवक्त यह मामला लंबे समय से चल रहा है लेकिन प्रबंधकों की आगे शिक्षा विभाग नतमस्तक नजर आ रहा है।
मुख्यमंत्री धामी के आदेश के बाद अब विभाग में भी खलबली मची हुई है और विभूति रंजन सीबीसीआईडी जांच से बचने की कोशिश में हर संभव प्रयास में जुटे हुए हैं।मामला पौड़ी जिले के अशासकीय विद्यालयों का है। अशासकीय विद्यालय इण्टर कालेज डांगीधार, इण्टर कालेज जखेटी में लिपिक पद पर अनियमितता कर मोटी रकम में लिपिकों की नियुक्ति की गई। इसके अलावा अशासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोटागढ़ में फर्जी जाति प्रमाण पत्र व इण्टर कालेज गढ़कोट मांडलू में जशोदा देवी की नियुक्ति पर राजेश सिंह राजा कोली ने सवाल उठाए।
वर्ष 2022 में यह प्रकरण सामने आने के बाद आज तक मामले में कार्यवाही नहीं हुई। इसे लेकर राजेश सिंह राजा कोली मुख्यमंत्री के सामने उपस्थित हुए और मुख्यमंत्री धामी ने मामले की एसआईटी जांच के निर्देश दिए लेकिन विभाग के उप सचिव विभूति रंजन ने प्रबंधकों के हिसाब से इस मामले में समिति गठित कर दी।

विभूति रंजन ने मुख्यमंत्री के आदेशों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया और अपने अनुसार प्रबंधकों को फायदा पहुंचाने के लिए समिति गठित की। इस मामले में राजेश सिंह राजा कोली अभी कुछ दिन पहले ही सीएम धामी के सामने उपस्थिति हुए और विभूति रंजन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पत्र सौंपा।
मुख्यमंत्री ने अब विभूमि रंजन के साथ ही चारों स्कूलों की जांच सीबीसीआईडी सौंपने के आदेश दिए हैं और अब विेभूति इस आदेश को भी दबाने की फिराक में है।
उप सचिव विभूति न सिर्फ इस मामले में बल्कि अन्य कई मामलों में संदेह के घेरे में है। सीबीसीआईडी जांच होती है तो विभूति सलाखों के पीछे होंगे।बता दें कि इस मामले में पूर्व में माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी, महावीर सिंह बिष्ट वरिष्ठ अधिकारी वीरेंद्र सिंह जांच में चारों इंटर कालेज के प्रबंधकों को दोषी करार दे चुके हैं।
जांच में उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह घोर अनियमितता है लेकिन विभूति इन अधिकारियों की जांच को कूड़े में फेेंक कर स्वयं ही मामला भटका रहे हैं अब देखना यह है कि धामी के सीबीसीआईडी के आदेशों का क्या हश्र होता है।

Sapna Rani

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