

देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुए नगरीय चुनाव से कांग्रेस को संजीवनी मिल गई है। चुनाव के परिणाम भाजपा के लिए निराशाजनक रहे हैं। उधम सिंह नगर जिले के किच्छा और सिरौली कलां नगर पालिका के चुनाव में कांग्रेस ने दोनों ही सीटों पर जीत हासिल की है। इस जीत को किच्छा विधायक और कांग्रेस नेता तिलक राज बेहड़ की बड़ी जीत मानी जा रही है।
चुनाव में मतदान के बाद बेहड़ का भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला से विवाद और फूट फूटकर रोने का वीडियो सामने आया था। अब परिणाम के बाद बेहड़ के जश्न के वीडियो भी सामने आ रहे हैं। जिसके बाद कांग्रेस पूरे प्रदेश में उत्साहित नजर आ रही है। कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने इस जीत को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बड़े संकेत के तौर पर माना है।
भाजपा प्रत्याशी को बड़े अंतर से शिकस्त दीउधम सिंह नगर जिले के सिरौली कलां से रशीदा बेगम ने फरहीन जहां को 1763 वोटों से हराया है। बीजेपी ने यहां किसी को अधिकृत प्रत्याशी नहीं बनाया था। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर फरीन जहां अध्यक्ष पद के चुनाव मैदान में थी। किच्छा से कांग्रेस उम्मीदवार राजेश प्रताप सिंह ने भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा उर्फ सोनू को 6200 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। रुद्रपुर की किच्छा नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप सिंह ने अध्यक्ष पद पर बड़ी जीत दर्ज की है। राजेश प्रताप सिंह ने भाजपा प्रत्याशी संदीप अरोड़ा उर्फ सोनू को 6200 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी।
राजेश प्रताप सिंह ने अपनी जीत को किच्छा की जनता के साथ-साथ विधायक तिलक राज बेहड़ की भी जीत बताया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किच्छा में नवीन मंडी परिसर के अंदर मतगणना हुई। चुनाव प्रक्रिया के दौरान मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। बता दें कि दोनों नगर पालिकाओं को चुनाव 22 सितंबर को हुआ था। कई बूथों पर मतदान के दौरान हंगामा और तनाव हो गया था।
जिसके बाद मामला पहले हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। किच्छा में नगर पालिका चुनाव का मतदान समाप्त होने के बाद स्ट्रांग रूम के बाहर काफी बवाल हुआ था। इस दौरान कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ और भाजपा प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला के बीच काफी विवाद हुआ था। दोनों के आंसू बहाने के वीडियो भी जमकर वायरल हुए थे।


