उत्तराखंड में बीजेपी सरकार ने कर ली अपनी बड़ी तैयारी; होने वाला है ये काम – Uttarakhand

The BJP government in Uttarakhand has made major preparations; this work is going to happen

The BJP government in Uttarakhand has made major preparations; this work is going to happenThe BJP government in Uttarakhand has made major preparations; this work is going to happenThe BJP government in Uttarakhand has made major preparations; this work is going to happenइस खबर को शेयर करेंLatest posts by Sapna Rani (see all)Pushkar Singh Dhami: वक्फ संशोधन विधेयक अभी कानून में नहीं बदला है। संसद से इस बिल को सिर्फ मंजूरी मिली है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद वक्फ संशोधन विधेयक कानून का रूप लेगा। हालांकि इस प्रक्रिया से पहले ही उत्तराखंड की बीजेपी सरकार ने बड़ी तैयारी कर ली है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वक्फ विधेयक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया के बीच कह दिया है कि उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड की जमीनों की जांच कराई जाएगी और इनको जनहित के कामों में लाया जाएगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार में वक्फ विधेयक पर सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से देश को इसकी प्रतीक्षा थी। भूमाफियाओं का कब्जा इन जमीनों पर था। पंचायतों, देवस्थानों और अन्य विभागों की जमीनों को वक्फ में शामिल कर लिया जाता था। अब वो सब जमीनें उस क्राइटेरिया से बाहर आएंगी, उसमें अब अनेक काम हो सकेंगे। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के अंदर भी बहुत सारे ऐसे मामले हैं। उत्तराखंड बनते समय उसमें (वक्फ बोर्ड की जमीनों में) कई हजारों की बढ़ोतरी हुई। हम उसकी जांच करवाएंगे और जनहित के कामों को इसपर आगे बढ़ाएंगे।अपने बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि सारी जमीनें सरकार में आएंगी, जन उपयोग के काम आएंगी। उन्होंने आरोप लगाए कि विपक्ष हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करता रहा है। तानाशाही उस समय में होती थी जब देश में तुष्टिकरण चलता था, इमरजेंसी लगती थी। धामी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में नए कानून लाए जा रहे हैं। अब चर्चा के बाद विधिवत संसद ने बिल को पास किया है।लोकसभा के बाद राज्यसभा से बिल पास हुआसंसद ने पिछले दिन वक्फ (संशोधन) विधेयक पारित कर दिया है, जिसे आज तड़के राज्यसभा ने मंजूरी दे दी। उच्च सदन में बिल के पक्ष में 128 सदस्यों ने मतदान किया, जबकि 95 सदस्यों ने विधेयक के खिलाफ मतदान किया। राज्यसभा ने विधेयक पर करीब 12 घंटे तक चर्चा की। लोकसभा ने पहले ही विधेयक को मंजूरी दे दी थी।

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