
कर्मचारियों ने मंगलवार से एक सप्ताह तक मंदिर केदारनाथ मंदिर प्रांगण में क्रमिक अनशन करने का निर्णय लिया है. अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी.
रुद्रप्रयाग: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन का ऐलान किया है. दशकों से बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित मंदिर समिति के अधीनस्थ मंदिरों में सेवाएं दे रहे करीब 300 अस्थायी कार्मिक अब अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर हैं.
कर्मचारियों ने मंगलवार से एक सप्ताह तक मंदिर केदारनाथ मंदिर प्रांगण में क्रमिक अनशन करने का निर्णय लिया है. साथ ही चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने के लिए बाध्य होंगे
लंबित मांगों का अब तक समाधान नहीं हो पाया: कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से मंदिर समिति की व्यवस्थाओं के संचालन और धार्मिक गतिविधियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इसके बावजूद उनकी समस्याओं और लंबित मांगों का अब तक समाधान नहीं हो पाया है. कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार अवगत कराने के बाद भी संबंधित विभाग उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है.
दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को भी आर्थिक सहायता नहीं मिली: कर्मचारी राजेंद्र रावत, योगंबर सिंह और संदीप रावत ने बताया कि सेवा के दौरान दिवंगत हुए करीब एक दर्जन कर्मचारियों के परिवारों और आश्रितों को अब तक आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई है. उनका कहना है कि जिन कर्मचारियों ने वर्षों तक मंदिर समिति को अपनी सेवाएं दीं, उनके निधन के बाद उनके परिजनों को सहायता न मिलना चिंता का विषय है. कर्मचारियों ने इस मामले में भी शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई है.
कर्मचारियों के अनुसार पूर्व में भी समिति के अधिकारियों को उनकी मांगों के समयबद्ध निस्तारण के लिए अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. इसी से नाराज होकर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार से लगातार एक सप्ताह तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक क्रमिक अनशन किया जाएगा.
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन अपनी लंबित मांगों के समाधान के लिए किया जा रहा है. यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. इससे मंदिर समिति की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है.
Post Views: 3
Post navigation


