चमोली एस टी पी हादसे को पूरा 1 साल हो चुका है , जिसमे 16 लोगों ने अपनी जान गवा दी थी हादसे के बाद भी महकमा होश में नहीं आया है, आज भी जल संस्थान में सिविल डिग्री धारक इंजीनियर ही इलेक्ट्रिकल का काम देख रहे हैं इलेक्ट्रिकल वाले इंजीनियर सिविल के काम की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं
चमोली एस टी पी प्लांट में करंट फैलने से 16 लोगों की मौत हो गई थी, जल निगम के बने इस एस टी पी का संचालन जल संस्थान कर रहा था, जल संस्थान में भी बिजली के इस काम का जिम्मा सिविल डिग्री धारक इंजीनियर कर रहे थे जिन्हें बिजली का कोई भी अनुभव नहीं था इस पर उन दिनों खासा बवाल भी हुआ यह भी सवाल उठे कि बिजली का काम कैसे सिविल इंजीनियर देख रहे हैं
आपको बता दें कि यह हाल केवल अकेले चमोली का नहीं है बल्कि जल संस्थान ने पूरे प्रदेश भर में इंजीनियरों की तैनाती में यही गड़बड़ी की है जल संस्थान से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने यह दावा किया कि इस खामी को तत्काल दूर किया जाएगा सिविल वाले सिविल और इलेक्ट्रिकल वाले सिर्फ इलेक्ट्रिकल का काम देखेंगे
भले ही सिविल और इलेक्ट्रिकल के पदों पर भर्ती का अध्याचन अलग भेजा जाता हो आयोग भी परीक्षा अलग-अलग करता हो जैसी ही इंजीनियर चयन होकर विभाग में आते हैं उसके बाद उनके काम में कोई भेद नहीं रहता है इस बारे में सचिन पेयजल शैलेश बगौली ने बताया कि अभी उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है जल्द इस दिशा में व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी
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