ब्रेकिंग: दो घूसखोर फॉरेस्टगार्ड 20 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार – पर्वतजन

चंपावत। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस का अभियान लगातार जारी है। शनिवार को विजिलेंस हल्द्वानी सेक्टर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग में कार्यरत दो फॉरेस्ट गार्डों को ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह मामला मस्टा वन बैरियर, ग्राम चौकी (जनपद चंपावत) का है।
विजिलेंस की टीम ने दोनों आरोपी फॉरेस्ट गार्ड — भुवन चंद्र भट्ट पुत्र रामदत्त भट्ट और दीपक जोशी पुत्र बसंत बल्लभ जोशी — को मौके से गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जिसके बाद टीम ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जंगल की लकड़ी के नाम पर मांगी थी ₹40,000 की रिश्वत
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपनी गौशाला के लिए जंगल में टूटे पड़े चीड़ के पेड़ की लकड़ी ले जाने की अनुमति मांगी थी।
इस दौरान दोनों फॉरेस्ट गार्डों ने उसे डराकर ₹40,000 की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने इस पूरे प्रकरण की जानकारी विजिलेंस विभाग हल्द्वानी को दी, जिसके बाद टीम ने ट्रैप प्लान तैयार किया।
योजना के तहत जैसे ही आरोपी फॉरेस्ट गार्डों ने ₹20,000 की पहली किस्त ली, विजिलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
विजिलेंस टीम की बड़ी सफलता
विजिलेंस हल्द्वानी की टीम ने यह कार्रवाई 25 अक्टूबर 2025 को की। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस घूसखोरी में विभाग के अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।
जांच में जुटी विजिलेंस
विजिलेंस की टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर ली है और आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। फिलहाल दोनों फॉरेस्ट गार्डों से पूछताछ के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
विजिलेंस के एक अधिकारी ने कहा —

“किसी भी सरकारी विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनसाधारण से अपील है कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो तत्काल सतर्कता अधिष्ठान को सूचित करें।”

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks