
16 नवंबर से जनता खुद से खुद की गणना कर सकेगी. इसके लिए स्वगणना का विकल्प जनता को दिया जाएगा
देहरादून: देश के अधिकतर राज्यों में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी महीने में होना है. उत्तराखंड समेत चार राज्यों में जनसंख्या की गणना का कार्य 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है. उससे 15 दिन पहले यानी 16 नवंबर से जनता खुद से खुद की गणना कर सकेगी. इसके लिए स्वगणना का विकल्प जनता को दिया जाएगा.
जनगणना 2027: स्वगणना के बाद प्रगणक, एक दिसंबर से घर-घर जाकर लोगों की गणना करेंगे. जनसंख्या की गणना के लिए हजारों की संख्या पर प्रगणक एवं सुपरवाइजर्स की तैनाती की जाएगी, जो राज्य के करीब 1.27 करोड़ जनता की जानकारी को एकत्र करेंगे. इसके लिए जनगणना कार्य निदेशालय ने अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं. ऐसे में क्या रणनीति और क्या-क्या शेड्यूल तैयार किए गए हैं, जिसके तहत तैयारियां की जाएगी? देखिए इस खास रिपोर्ट में.
1 दिसंबर से शुरू होने जा रही जनगणना की तैयारी
उत्तराखंड में 1 दिसंबर से शुरू होगी जनगणना: उत्तराखंड के हिम आच्छादित क्षेत्रों में जनसंख्या की गणना का कार्य जारी है. इसके तहत, प्रदेश के चार जिलों में स्थित 131 गांवों और तीन शहरों में प्रगणक घर-घर जाकर आबादी की गणना कर रहे हैं. प्रदेश के स्नोबाउंड क्षेत्रों में आबादी की गणना का कार्य 1 सितंबर से शुरू हुआ था जो 30 सितंबर तक चलेगा. प्रदेश के स्नो बाउंड क्षेत्रों में 30 सितंबर को गणना का कार्य संपन्न होने के बाद, प्रदेश के बाकी हिस्सों में आबादी की गणना की तैयारियां तेज हो जाएंगी. प्रदेश में जनगणना के पहले चरण के तहत हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के दौरान पापुलेशन अनुमानित 1.27 करोड़ पायी गयी है. एक दिसंबर से शुरू होने जा रही आबादी की गणना के दौरान इन जनसंख्या की गणना की जाएगी.
मकान सूचीकरण और उनकी गणना का कार्य संपन्न हो चुका है: जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत उत्तराखंड राज्य में 25 अप्रैल से 24 मई 2026 के बीच मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य संपन्न हो चुका है. करीब 15 साल बाद हुई जनगणना से पता चला कि उत्तराखंड में परिवारों की संख्या 28.3 लाख के पार हो गई है. यानी इन 15 सालों के भीतर करीब 8.18 लाख परिवारों की संख्या बढ़ गई है. इसी तरह, साल 2011 में हुई जनगणना में उत्तराखंड की पापुलेशन 1.01 करोड़ थी. ये अब बढ़कर करीब 1.27 करोड़ के पार हो गयी है. यानी इन 15 सालों में प्रदेश में 26 लाख से अधिक पापुलेशन बढ़ गई है. इसके अलावा, प्रदेश में आवासीय और गैर आवासीय मकानों की संख्या 45 लाख हो गई है.
विधानसभा चुनाव के चलते उत्तराखंड में जनगणना पहले होगी: देश भर में जनगणना के दूसरे चरण के तहत आबादी की गणना का कार्य फरवरी 2027 में होना है. लेकिन आगामी साल 2027 में देश के कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं, जिसके चलते भारत सरकार ने उत्तराखंड समेत चार राज्यों में तय समय से पहले जनसंख्या की गणना कराने का निर्णय लिया है. इसके लिए भारत सरकार ने 5 सितंबर को गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में जनसंख्या की जनगणना 1 दिसंबर से 4 जनवरी, 2027 तक की जाएगी. इसका पुनरीक्षण दौर 5 जनवरी से 9 जनवरी, 2027 तक चलेगा. साथ ही जनगणना के संचालन के लिए, घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना शुरू होने से ठीक 15 दिन पहले यानी 16 नवंबर से 30 नवंबर, 2026 तक स्व-गणना का विकल्प भी जनता के लिए उपलब्ध रहेगा.
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