चमोली: जिले के थराली विकासखंड सभागार में मंगलवार को आयोजित ब्लॉक विकास परिषद (बीडीसी) की बैठक भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक की शुरुआत होते ही कई क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने राज्य वित्त और 15वें वित्त आयोग की धनराशि के आवंटन में भेदभाव तथा सोलर स्ट्रीट लाइटों की खरीद में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग कर दी।
चिडिंगा से क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश जोशी और ग्वालदम से क्षेत्र पंचायत सदस्य भावना रावत ने सबसे पहले इस मुद्दे को सदन में उठाया। उनकी मांग का समर्थन करते हुए बूंगा के भानुप्रकाश, बैनोली के मनमोहन रावत, माल बज्वाड़ की बबिता रावत और सूना की सुमन देवराड़ी भी विरोध में उतर आए। सभी छह सदस्य पीठ के सामने धरने पर बैठ गए और मामले पर चर्चा की मांग को लेकर अड़ गए।
करीब दो घंटे तक लगातार हंगामे और शोर-शराबे के बीच बैठक संचालित करने की कई बार कोशिश की गई, लेकिन विरोध कर रहे सदस्य धन आवंटन में कथित अनियमितताओं पर स्पष्ट जवाब और जवाबदेही तय किए जाने की मांग पर डटे रहे।
ब्लॉक प्रमुख और सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक
हंगामे के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित और धरने पर बैठे क्षेत्र पंचायत सदस्यों के बीच तीखी बहस भी हुई। हालात बिगड़ते देख प्रधान संगठन ने भी विरोध जताते हुए आरोप लगाया कि कुछ सदस्यों ने जानबूझकर सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी। इसके बाद प्रधान संगठन ने बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर जाने का निर्णय लिया।
स्थिति सामान्य न होने पर ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित ने बैठक को स्थगित करने की घोषणा कर दी। बाद में सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
प्रधान संगठन ने जताई नाराजगी
प्रधान संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र रावत ने कहा कि अधिकांश ग्राम प्रधान 15 से 20 किलोमीटर दूर-दराज के क्षेत्रों से पैदल चलकर बैठक में शामिल होने आए थे, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण पूरे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते बैठक को प्रभावित किया गया और भविष्य में ऐसी स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक स्थगित होने के बाद धरने पर बैठे क्षेत्र पंचायत सदस्यों, प्रधान संगठन के प्रतिनिधियों और ब्लॉक प्रमुख ने मीडिया के सामने अपने-अपने पक्ष रखे।
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