*मानसून थमते ही चारधाम यात्रा जोर पर धामी सरकार के बेहतर यात्रा प्रबंधन ने जीता यात्रियों का विश्वास*

देहरादून
 
*मानसून थमते ही चारधाम यात्रा जोर पर धामी सरकार के बेहतर यात्रा प्रबंधन ने जीता यात्रियों का विश्वास*
 
*एक दिन में पहुंच रहे 20 हजार से अधिक श्रद्धालु*
 
*केदारनाथ धाम में सोमवार को पहुंचे 7350 यात्री*
 
*इस यात्राकाल में अभी तक दर्शन को आ चुके हैं 38 लाख तीर्थयात्री*
 
प्रदेश सरकार के बेहतर यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों के चलते चार धाम यात्रा को लेकर यात्रियों में भारी उत्साह है।
 
मानसून थमते ही यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ ली है।
 
बीते दिवस 30 सितंबर को 20497 श्रद्धालु चार धाम दर्शन को पहुंचे।
 
इनमें केदारनाथ धाम में सर्वाधिक 7350 तीर्थयात्री पहुंचे।
 
अभी तक के पूरे यात्राकाल की संख्या पर नजर दौडाएं तो करीब 38 लाख श्रद्धालु चारधाम दर्शन को आ चुके हैं।
 
केदारघाटी आपदा से निपटने में सरकार ने पूरी ताकत झोंककर जिस तेजी से स्थिति को सामान्य बनाया है, उससे यात्रियों का सरकार के प्रति विश्वास गहराया है।
 
यात्री पूरे उत्साह और आस्था के साथ बाबा केदार के दर्शन को उमड़ पड़े हैं।
 
चारधाम यात्रियों की सुरक्षा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
 
मुख्यमंत्री के इस ध्येय वाक्य के अनुसार राज्य सरकार के यात्रा इंतजामों और व्यवस्थाओं का असर यात्रा पर दिखाई दिया है।
 
अब दूसरे चरण की यात्रा जोर पकड़ गई है।
 
अक्टूबर और नवंबर माह में भी यात्रा के लिए बड़ी संख्या में यात्रियों ने पंजीकरण कराया है।
 
30 सितंबर को हेमकुंड और गोमुख समेत 22 हजार 244 श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर पहुंचे।
 
इनमें केदारनाथ के अलावा बदरीनाथ में 6811, गंगोत्री 3619, यमुनोत्री 2717, हेमकुंट 1632 और 115 श्रद्धालु गोमुख पहुंचे।
 
*रिकॉर्ड बनाएगी चारधाम यात्रा*
 
इस यात्राकाल में बीते दिवस 30 सितंबर तक कुल 37 लाख 91 हजार 205 यात्री चारधाम दर्शन को आ चुके हैं जबकि बीते वर्ष पूरे यात्राकाल में 56.13 लाख यात्री पहुंचे थे।
 
इसी प्रकार वर्ष 2022 में 46.29 लाख और वर्ष 2019 में 34.77 लाख यात्री चारधाम दर्शन को पहुंचे।
 
वर्ष 2020 और 2021 में कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा प्रभावित रही।
 
इन दो वर्षों में यात्री संख्या क्रमशः 3.30 लाख और 5.29 लाख रही।
 
*इस वर्ष 17 दिन की देरी से शुरू हुई चारधाम यात्रा*
 
इस वर्ष चारधाम यात्रा 10 मई से शुरू हुई है जबकि पिछले वर्ष 23 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा का श्रीगणेश हो गया था।
 
तब केदारनाथ के कपाट 25 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खुले थे।
 
इस वर्ष गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट 17 दिन बाद यानी 10 मई को खुले हैं,
 
जबकि बदरीनाथ धाम की यात्रा 12 मई से शुरू हुई है।
 
यात्रा अभी अगले माह नवंबर तक चलेगी।
 
*बेहतर यात्रा प्रबंधन पर नजर*
 
-केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर बनाए गए बीस पार्किंग स्थल।
 
-पार्किंग प्रबंधन के लिए एक क्यूआर कोड-आधारित प्रणाली।
 
-यातायात प्रबंधन के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती।
 
-यात्रा पर निगरानी के लिए 850 सीसीटीवी कैमरे और 8 ड्रोन।
 
-यात्रियों की सुविधा के लिए 56 पर्यटन सहायता केंद्रों की स्थापना।
 
-ट्रैक रूट को साफ करने के लिए कुल 657 पर्यावरण मित्रों की तैनाती।
 
-स्वास्थ्य विभाग की ओर से यात्रा मार्ग पर 50 स्क्रीनिंग कियोस्क की स्थापना। स्वास्थ्य मित्र हैं तैनात।
 
-यात्रा मार्ग पर 156 एम्बुलेंस तैनात। 8 ब्लड बैंक और 2 भंडारण इकाइयां स्थापित
 
-49 स्थायी स्वास्थ्य सुविधाएं और 26 चिकित्सा राहत पोस्ट। 22 विशेषज्ञ, 179 चिकित्सा अधिकारी और 299 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK No thanks