ईएसआई के सम्बन्ध में 15 हजार से अधिक इकाइयों को नोटिस जारी
ईएसआई कवरेज दिए जाने के सम्बन्ध में अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट तलब
नगर निगमों में कार्यरत दैनिक/सविंदा कर्मचारियों, श्रमिकों को ईएसआई कवरेज पर त्वरित कार्यवाही के निर्देश
देहरादून। राज्य में संविदा व अन्य सामान्य श्रमिकों को ईएसआई कवरेज दिए जाने की कार्यवाही की धीमी प्रक्रिया पर सख्ती करते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव शहरी विकास से नगर निगमों एव नगर निकायों में दैनिक/संविदा कर्मचारियों को ईएसआई कवरेज दिए जाने के सम्बन्ध में अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने सम्बन्धित सचिव को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी नगर पालिकाओं एवं निकायों की तत्काल समीक्षा की जाए तथा उनमें कार्यरत दैनिक/सविंदा कर्मचारियों, श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना से अनिवार्यतः आच्छादित करने के सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही की जाए।
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी के सख्त निर्देशों के बाद अब तक श्रम विभाग द्वारा सघन अभियान चलाकर ईएसआई के सम्बन्ध में औचक जांच की गई तथा 15000 से अधिक ईकाईयों नोटिस जारी किये गए, जिसमें से 10000 यूनिट द्वारा ईएसआई कवरेज के सम्बन्ध में कार्यवाही पूरी कर ली गई हैं। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आज की बैठक में एक बार ईएसआई कवरेज की जांच के सम्बन्ध में पुनः सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
राज्य में संविदा एवं श्रमिकों को स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा चिकित्सा सहायता, दुर्घटना कवर व अन्य स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने तथा कार्यस्थल पर उत्पन्न जोखिमों से कर्मियों को बचाने के साथ ही कर्मियों को बीमा योजना के लाभों व उनके अधिकारों के लाभों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सम्बन्धित अधिकारियों को इस पर शीर्ष प्राथमिकता एवं गम्भीरता से कार्य करने की हिदायत दी है।
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने ग्रामीण विकास, युवा कल्याण, आपदा प्रबन्धन, वित्त, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के साथ ही विभिन्न एनजीओं में कार्यरत संविदा व सामान्य श्रमिकों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना से आच्छादित करने के कार्यवाही हेतु जल्द से जल्द कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारी राज्य बीमा योजना नियोक्ता तथा कर्मचारियों के अंशदान द्वारा वित्त पोषित है। नियोक्ता अंशदान 3.25 प्रतिशत है व कर्मचारियों के अंशदान 0.75 प्रतिशत है। इस प्रकार देय मजदूरी का कुल 4% है। राज्य सरकार को योजना संचालन के 100% में से वास्तविक व्यय की 87.5% धनराशि की प्रतिपूर्ति निगम द्वारा की जाती है |
प्रदेश में बीमाधारकों की संख्या 7,34,343 है व उनके आश्रितों की संख्या लगभग तीस लाख है। योजना राज्य में 13 जनपद, 45 औषधालयों एवं 65 अनुबन्धित चिकित्सा संस्थानों में संचालित है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अधीन कर्मचारी राज्य बीमा योजना एक अनूठी सामाजिक बीमा योजना है जो संगठित क्षेत्र के योजना में व्याप्त कामगारों एवं उनके आश्रितजनों को बीमारी, प्रसूति, रोजगार चोट के कारण हुई मृत्यु व अपंगता तथा व्यवसाय जनित रोग में सुरक्षा प्रदान करती हैं |
कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अन्तर्गत, राज्य में स्थापित संगठित क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक अवस्थापनाओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठान इत्यादि में 10 या उससे अधिक कार्यरत ₹21,000 एवं दिव्यांगजन हेतु ₹25,000 की सीमा तक वेतन पाने वाले कामगारों को कर्मचारी राज्य बीमा निगम भारत सरकार द्वारा बीमित किया जाता है।
सचिवालय में आयोजित कर्मचारी राज्य बीमा योजना एव श्रम चिकित्सा सेवाओं के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव पंकज कुमार पाण्डेय सहित वित्त, श्रम, ईएसआई, उपनल, चिकित्सा सेवा विभाग के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
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