कॉलेज से पासआउट 50 चिकित्सकों का पीजी कोर्स के लिये हुआ चयन
देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों से करेंगे एमडी, एमस व डीएनबी कोर्स
श्रीनगर/देहरादून। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के नाम पर एक और उपलब्धि जुड़ गई है। मेडिकल कॉलेज के 50 से अधिक एमबीबीएस पासआउट चिकित्सकों का प्रथम नीट पीजी काउंसिलिंग के बाद देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में पीजी कोर्स के लिये चयन हुआ है। जिससे चयनित चिकित्सकों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज में खुशी का महौल है। इस उपलब्धि पर सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने खुशी व्यक्त करते हुये चयनित चिकित्सकों व मेडिकल कॉलेज प्रशासन को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की।
राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों से उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान रच रहा है। एक ओर जहां सरकार नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना कर मेडिकल एजुकेशन को नई दिशा दे रही है वहीं दूसरी ओर यहां से अध्ययनरत मेडिकल छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय फलक पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। इसी कड़ी में श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 50 से अधिक एमबीबीएस पासआउट चिकित्सकों ने प्रथम नीट पीजी काउंसिलिंग में बाजी मार कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। नीट पीजी काउंसिलिंग में इन चिकित्सकों का चयन देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में हुआ है, जो एमडी, एमएस व डीएनबी में पीजी कोर्स कर विशेषज्ञता हासिल करेंगे। इनके चयन से संकाय सदस्यों सहित पूरे मेडिकल कॉलेज में खुशी का महौल है।
प्रथम नीट पीजी काउंसिलिंग में वर्ष 2014 बैच की डॉ. दीक्षा तोमर, वर्ष 2015 बैच की डॉ. नेहा वर्मा, डॉ. मीनाक्षी टम्टा, डॉ. शिशिर जोशी का चयन पीजी कोर्स के लिये हुआ है। इसी प्रकार वर्ष 2016 बैच से डॉ. मानसी भट्ट, डॉ. रजत कुमार, डॉ. रवि, डॉ. शिवम, डॉ. आशीष शाह, डॉ. स्वेता शाह, डॉ. विवेक वर्मा तथा वर्ष 2017 बैच से डॉ. कर्तिका तिवारी, डॉ. कनिका कुकरेती के साथ-साथ डॉ. सौरभ जोशी व डॉ. सागर जोशी के अतिरिक्त 2014 से 2017 बैच के अन्य कई चिकित्सकों का चयन देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में पीजी कोर्स के लिये हुआ है। चयनित चिकित्सक महाराष्ट्र, यूपी, एमपी, हरियाणा, नई दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, बंगाल और कर्नाटक जैसे राज्यों में अपनी पढ़ाई के साथ सेवाएं भी देंगे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुये कहा कि एमबीबीएस चिकित्सकों की इस सफलता ने न केवल संस्थान को गौरान्वित किया बल्कि यह साबित भी किया है कि सुदूर पर्वतीय क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने सभी चयनित चिकित्सकों को बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनांए भी दी। वहीं उन्होंने मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्यों के अथक मेहनत की भी जमकर तारीफ की।
बयान-50 से अधिक एमबीबीएस चिकित्सकों का पीजी कोर्स के लिये चयन उत्तराखंड के मेडिकल कॉलेजों में उच्चस्तरीय शैक्षिक महौल व बेहतर प्रशिक्षण का प्रतीक है। सभी चयनित चिकित्सकों को शुभकामनाएं। आशा है कि पीजी कोर्स करने के उपरांत सभी चिकित्सक प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की मुहिम में अपना अहम योगदान देंगे। -डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
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